| एसएमएस शो (SMS Show) |
| हास्य व्यंग्य | |||
| सोमवार , , 21 मई | |||
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टिप्पणियाँ
(4)
एक एसएमएस सर्वे में पाया गया है कि आलोक पुराणिक ब्रह्मांड के महानतम लेखक हैं। सर्वे में भाग लेने वाले सभी व्यक्तियों को "स्मार्ट झूठ कैसे बोलें" नामक पुस्तक पढ़वाई गई थी।
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new to hindi blogs & tarkash also, bas ye dusra hi lekh padha hai, per maja aagaya, mast likha hai bhai. ek or baat ki ye sms wale sab % main dete hai. bolte hai ki 60% ye ye raay hai, per ye nahi batate ki total sms hi 12 aaye hai, or us RAay ko desh ki janta ki aawaj bol dete hai, ek baar phir se, "Maja Aa Gaya"
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द्वारा प्रेषित धनराज वाधवानी , सितम्बर 18, 2007
अज्ञानता की परकाष्ठा ... अनचाहा एस.एम.एस. पाकर लोग क्यों परेशान होते हैं। काश इन्हें पढ़कर लोगों को आसानी से डीलेट करना आ जाए। अधिकांश उन लोगों की परेशानी ही परेशानी है जिन्हें मिटाना नहीं आता। बताइये कोई आपके यहां आ धमके उससे पीछा छुड़ाना कठिन है या एस एम एस डीलेट करना? कोई बिना नाम लिखा पोस्ट कार्ड अधिक परेशान करता है या एस.एम.एस. ? वस्तुत: मोबाईल फ़ोन को जो लोग हॊव्वा समझते हैं उन्हीं के लिये परेशानी है। असल में उन्हें पता ही नहीं कि परेशानी सीमा पर दुश्मन की गोलियों से अधिक होती है या एस.एम.एस. या फ़ोन काल से। - धनराज वाधवानी,
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द्वारा प्रेषित धनराज वाधवानी, राजवाड़ा , अगस्त 29, 2008
असल में एसएमएस से केवल उन्हें ही असुविधा होती है जो पढ़ना और मिटाना नहीं जानते। जब उन्हें यह आ जाएगा तो फ़िर उन्हें लगेगा कि यह तो एक अनचाहे पोस्ट कार्ड की अपेक्षा अच्छा है। कितने अच्छे ऑफ़र मिलते हैं व कितना सकून मिलता है किसी से एसएमएस पाकर। हॉ यह जरूर है कि अनचाहा फ़ोन काल जरूर परेशान कर सकता है क्योंकि सामने वाले को जवाब देना जरूरी हो जाता है और तुरंत फ़ोन रिसीव करना भी जरूरी लगता है। जबकिस एसएमएस में ऐसा नहीं है वह तो लेटर बॉक्स की तरह के इनबॉक्स में आकर पड़ा रहता है व सुविधा अनुसार रीड किया जा सकता है। असल में अनचाहे काल व एसएमएस में अत्यधिक अंतर होता है। इन दोनो के लिये यानी एसएमएस और काल के लिये अलग अलग माफ़द्ण्ड होने चाहिये। अनचाहे होने पर भी। डू नॉट काल रजिस्ट्री भी दोनो के लिये अलग अलग होना चाहिये। - धनराज वाधवानी, राजवाड़ा , इन्दौर म.प्र.
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धनराज वाधवानी, राजवाड़ा यह ई-मेल देखने के लिये कृपया जावास्क्रिप्ट को चालू करें nandlalstores.com report abuse
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