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स्टेम सेल लौटाएगा स्तन कैंसर के बाद की खोई सुंदरता |
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स्वास्थ्य
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बुधवार , , 19 दिसम्बर |
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तरकश ब्यूरो
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| कैंसर से ग्रस्त शरीर के किसी भी हिस्से पर आई खराबी अथवा विकृति को स्टेम सेल की सहायता से ठीक किया जा सकता है |
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यह पद्धति स्तन कैंसर की वजह से अपनी सुंदरता खो चुकी महिलाओं के लिए वरदान रूपी साबित हो सकती है.
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महिलाओं में स्तन कैंसर होने की दर खतरनाक ढंग से बढ रही है. पूर्वीय एशियाई देशों में स्तन कैंसर की दर बढ रही है. लेकिन अब महिलाओं के लिए स्तन कैंसर की वजह से अपनी खोई सुंदरता वापस हासिल करना आसान हो सकता है.
किसी महिला को स्तन कैंसर होने के बाद उसके स्तन के कैंसरग्रस्त भाग को निकाल दिया जाता है. लेकिन अब उस महिला के ही शरीर में से अतिरिक्त चर्बी को लिपोसेक्शन पद्धति द्वारा निकालकर उसके स्टेम सेल लेकर वही भाग फिर से बनाया जा सकना सम्भव है.
जापान की कम्पनी साइटोरी थेरापेटिक्स के द्वारा विकसित की गई इस पद्धति की अमरीका और यूरोपीय देशों में जाँच की जा रही है. फिलहाल जापान की इस कम्पनी ने जापान की करीब 25 महिलाओं पर इस पद्धति का इस्तेमाल कर सफल शल्य चिकित्सा की है.
फिलहाल यह पद्धति प्रायोगिक स्तर पर ही प्रभावी है लेकिन अब यह बात स्पष्ट है कि कैंसर से ग्रस्त शरीर के किसी भी हिस्से पर आई खराबी अथवा विकृति को स्टेम सेल की सहायता से ठीक किया जा सकता है और शरीर के उस हिस्से को पहले की तरह अथवा उससे भी अधिक सुंदर बनाया जा सकता है.
यह पद्धति स्तन कैंसर की वजह से अपनी सुंदरता खो चुकी महिलाओं के लिए वरदान रूपी साबित हो सकती है. एक प्लास्टिक सर्जन का कहना है कि स्तन की वृद्धि (Breast Implant) के लिए सिलीकान जेली रूपी कृत्रिम पदार्थों के उपयोग के बजाय इस पद्धति का उपयोग किया जाना अधिक कारगर सिद्ध हो सकता है.
इस समय दूनिया के कई देशों मे इस पद्धति को लेकर शोध और विचार विमर्श हो रहे हैं. एक अनुमान के मुताबिक हर साल मात्र अमरीका में ही करीब 1 लाख महिलाएँ स्तन कैंसर का इलाज करवाती हैं. यह पद्धति इन लाखों महिलाओं के लिए आशा की एक नई किरण ला सकती है.
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