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फिकर नॉट, ब्लॉगिंग पर कब्जा रहेगा चिरकुटों का

October 26th, 2009 | 40 टिप्पणियाँ | श्रेणी लोकाचार में

एक दिन देखता हूँ, घर में काम करने वाली “बाई” ब्लॉगिया रही है कि फलाने ब्राण्ड का झाड़ू एकीदम बेकार किसम का है. पैसा पानी में गया. आज एक नया घर काम के वास्ते पकड़ा है. दो पैसा ज्यादा कमाना कोई गुनाह तो नहीं.

हमारे साहबजादे भी ब्लॉग पर लिख रहे है, कोई कितना ही हिन्दी हिन्दी करे आज पापा को अंग्रेजी अखबार पढ़ते देखा था. उन्ही के मोबाइल से ली यह तस्वीर इसका प्रमाण है. देखें…या फिर आज मैने ओल्ड-फैशन के जूते लेने से इनकार कर दिया. पापा की पसन्द ठीक नहीं है. बाद में उनके क्रेडिट कार्ड से जूते खरीदे. थैंक्यु-पापा.

यही है ब्लॉगिंग या चिट्ठाकारी. हर कोई, हर कहीं अपनी भाषा में ठेल रहा है, ठेलेगा और ठेलता रहेगा. क्या कर लोगे? इस तरह बहने वाले प्रवाह पर कोई बाँध नहीं बना सकता. अतः कोई मठाधीश भी नहीं बन सकता. कोई मुगालते में न रहे.

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40 प्रतिक्रियाएं to “फिकर नॉट, ब्लॉगिंग पर कब्जा रहेगा चिरकुटों का”

  1. जी.के. अवधिया Says:

    “ठेलेगा और ठेलता रहेगा, क्या कर लोगे?”

    कोई कुछ नहीं कर सकता जी! :-)

  2. Mahfooz Says:

    अतः कोई मठाधीश भी नहीं बन सकता. कोई मुगालते में न रहे.
    ek dum sahi kah rahen hain aap…….

  3. PN Subramanian Says:

    बिलकुल सही कह रहे हैं.

  4. अर्कजेश Says:

    आमीन !!

  5. Varun Kumar Jaiswal Says:

    सही है ! कोई मठाधीश नहीं बन सकता |

  6. रचना Says:

    bloging krodh ki ki nahin mauj ki cheez haen kitni baar is baat ko aap ko bataaya jata haen pehli fursat mae fursatganj kae bunty babli yahii kartey haen bas unko ham chithra aur chithaeri kehtey haen

  7. kirtish Says:

    हेहेहेहेहे
    झे ब्ब्ब्बात !!!! :lol: :razz:

  8. lalit sharma Says:

    जय हो-चलता ही रहेगा :lol:

  9. रवि Says:

    इ बात तो हमहूं पिछले सौ सालों से कहते आ रहे हैं. पण जब चाहे कोई अज्ञानी “मठाधीश मठाधीश” चिल्लाता चला आता है और आधी जनता हुआँ हुआँ करने लग जाती है…:)

  10. विवेक सिंह Says:

    एक चिरकुट खेत में लैपटॉप लेकर खेत में शौच के लिए गया । जब तालाब पर पहुँचा तो जैसे ही पानी के लिए हाथ बढ़ाता मेंढक बोलता टर्र.., चिरकुट तुरंत लैपटॉप खोलकर बैठ गया, ब्लॉग पर लिखा :

    टर्र टर्र क्यों कर रहा,
    हमें नहीं किसी का डर,
    धोने दे तो धोने दे,
    नहीं जाय धोयेंगे घर

  11. ePandit Says:

    सत्यवचन, ब्लॉगिँग और चिरकुटई पर किसी का कॉपीराइट नहीं :)
    ब्लॉगिँग की तो फिलॉसफ़ी ही यही है, “हम तो जबरिया… हमारा कोई का करि है”

  12. परमजीत बाली Says:

    बात तो सही है। :lol:

  13. Saleem Says:

    चिरकुट मतलब ?? चित्रकूट का रहने वाला

  14. Abhishek Ojha Says:

    किसी ने तो चिरकुट ब्लोगरों की बात की :)

  15. albela khatri Says:

    waah !

    chhakkaa maara…………….chhakkaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa !

  16. ताऊ रामपुरिया Says:

    बडा गजब कर दिये जी आज तो. बेचारे मठाधीशों का क्या होगा? कहां भिजवायेंगे? ये अच्छी बात नही है. :)

    रामराम.

  17. शिवरतन गुप्ता Says:

    बिल्कुल सच सच कहा, सुन्दर कहा,जै हिन्द

  18. pankaj Mishra Says:

    बिलकुल सही कहा आपने अब तो मठाधीश बनाने के मुगालते में रहने वाले लोगो को शर्म आनी चाहिए ……….यहाँ कोई मठाधीश नहीं है ,,,फिर भी कुछ लोग अपने आप को समझते है ……शायद आपकी बात उन तक पहुचे
    पंकज मिश्र

  19. pankaj Mishra Says:

    बिलकुल सही कहा आपने अब तो मठाधीश बनाने के मुगालते में रहने वाले लोगो को शर्म आनी चाहिए ……….यहाँ कोई मठाधीश नहीं है ,,,फिर भी कुछ लोग अपने आप को समझते है ……शायद आपकी बात उन तक पहुचे
    पंकज मिश्र :mrgreen: :lol:

  20. cmpershad Says:

    हम तो चिरकुट भये बन्धु:) और हां, अपना मैल अपने घर में ही धोते हैं, किसी मेंढ़क से नहीं न धुलवाते:)

  21. P.C.Godiyal Says:

    :grin: मेरे घर की नौकरानी को भी इंटरनेट पर ब्लोगिंग के मार्फ़त शेयर ट्रेडिंग का चस्का लग गया है ! सुबह जब दफ्तर निकलने की तैयारी कर रहा होता हूँ तो पूछती है कि आज चढेगा क्या ?

  22. amit Says:

    आप की बात से पूरे का पूरा इत्तेफ़ाक है जी, बरसों से यही बात लोगन को बताए आत रहे कि भाई ब्लॉगिंग किसी की न बपौती है और ना ही कौनो कंपनी का माल, ऊ तो हवा की भांति मुक्त है (जल नहीं कह सकते ना, ऊ का पैसा देना पड़ता है तभी नल में आता है), कुछ लोग समझ जात हैं और कुछ चले देत हैं भेड़ चाल “मठाधीश मठाधीश” का जाप करते हुए! :D

  23. दिनेशराय द्विवेदी Says:

    बिलकुल सही है। यहाँ मठाधीश भी बिलकुल चिरकुट ही होगा।

  24. Lovely Says:

    रवि जी से सहमत :-)

  25. neelima sukhija arora Says:

    shat pratishat chirkuton ka kabja rahega.

  26. neelima sukhija arora Says:

    शत प्रतिशत चिर्कुतो क कब्जा रहेगा :smile:

  27. समीर लाल ’उड़न तश्तरी’ वाले Says:

    अतः कोई मठाधीश भी नहीं बन सकता- बड़ा दुखद समाचार है यह तो. :(

  28. Gyan Dutt Pandey Says:

    एकम सद विप्रा बहुधा ठेलंति! :)

  29. सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी Says:

    हम तो चले अब दुखी होने। सारी मेहनत पानी में चली गयी। :cry:

  30. पं.डी.के.शर्मा "वत्स" Says:

    “कोई मठाधीश भी नहीं बन सकता. कोई मुगालते में न रहे”

    लेकिन कौशिश तो कर ही सकता है…अब बनना न बनना तो ऊपर वाले के हाथ में है :wink:

  31. anil pusadkar Says:

    इसे कह्ते हैं खरी खरी।आपका गुस्सा जायज है।मठाधीशों की तो ऐसी की तैसी।जो जी मे आये वो लिखेंगे,देखे कौन रोकता है।

  32. Rakesh Singh Says:

    @संजय जी ये बात सत्य है की कोई ब्लॉग्गिंग में मठाधीश नहीं बन सकता… | पर जो लोग मठाधीश बनाने की कोशिश कर रहे हैं उन्हें – “फलाने ब्राण्ड का झाड़ू एकीदम बेकार किसम का है” या “क्रेडिट कार्ड से जूते खरीदे. थैंक्यु-पापा.” जैसे पोस्ट से कोई आपत्ति शायद नहीं होगी | उन्हें तो उनकी जी हजूरी नहीं करने वाले लोग खटक रहे हैं …. |

    और ऐसे लोगों जो मठाधीश बन्ने का सपना संजोये रखें है उन्हें ठेंगा …. :lol:

  33. मुम्बई-टाईगर Says:

    संजयजी बैगानी
    जय जिनेन्द्र!
    आपकी लेखनी मे स्पष्टता एवम निडरता दोनो ही पसन्द आई!

    ★☆★☆★☆★☆★☆★☆★☆★
    क्या हो रिया है अपने हिन्दी ब्लोगानन्दजी के लाईफ मे ?
    अरे भाई! कोई तो बचाओ ब्लोगानन्दजी के स्वाभिमान को।
    ★☆★☆★☆★☆★☆★☆★☆★

    ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥
    ब्लोगानन्दजी कह लो चिठठाकारी, या ब्लोग मन में उठे बावल को उसी रंग तरंग में पोत लेने का सुगम साधन है. संसार में कुछ बाते कोमन है पर विचारों एवं अभिव्यक्ति में भेदता है. व्यक्ति अपनी मूल भाषा को छोड़ कितनी भी अग्रेजी बोले या अन्य भाषा….. पर जब गुस्से में गाली देनी होगी तो अपनी भाषा ही जुबान से उगलनी पड़ेगी. ….

    सत्य वचन बंधू -@ अतः कोई मठाधीश भी नहीं बन सकता. कोई मुगालते में न रहे….

    अब ज्ञान बाटना उचित नही है क्यों की यहाँ सभी ज्ञानी है…..

    मुगालते में रहने वालो को एक बार राखी सावत के पास भेज दिया जाए ज्ञान टेस्टिग भी हो जाएगी ओर इलाज भी……

    आपकी छोटी सी पोस्ट में महत्वपूर्ण सन्देश महत्वपूर्ण लोगो तक पहुच गया होगा इसी उम्मीद एवं शुभ मंगल भावो के साथ एक बार पुन: आपको प्रणाम !!!!!!

    ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥

    हेपी ब्लोगिग
    हे! प्रभु यह तेरापन्थ
    SELECTION & COLLECTION

  34. eswami Says:

    तुमको क्या होने का है बोलो .. शोर नक्को करू .. आपस में माण्डवाली कर लेते हैं ना! :twisted:

  35. Arvind Mishra Says:

    ..बात तो सौ पते की है !

  36. विवेक रस्तोगी Says:

    :mrgreen: चलो अब पता तो चला कि मठाधीश कौन कौन बनना चाह रहा है या है :grin:

  37. अजय कुमार झा Says:

    दोनों डोज़ एकेसाथ दे दिये प्रभु….बताईये तो हम तो चिरकुट शब्द पढ के :mrgreen: अपने बारे में सोच कर आये थे, मुदा आके देखे तो मठाधीश का भी चर्चा पाये.. :twisted: अब मठवे नहीं है तो धीश कैसे बनें …दो सिम एक साथ …नहीं चलेगा का .. :lol:

  38. dhiru singh Says:

    जय हो जय हो :twisted: :idea: :razz: :razz:

  39. सुलभ सतरंगी Says:

    ब्लोगिंग कोई खेल नहीं है ऐसा पहले कह चूका हूँ.

  40. Md Shadab Says:

    sach hai blog hai hi itna mast

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