हिन्दी की आधुनिक बेवसाइट
आधुनिक से मेरा तात्पर्य है, अपने पाठकों को कुछ विशेष सुविधाएं देना जो नई तकनिक से सम्भव हुई है.
सुविधाएं जैसे कि…
अपनी पसन्द के विषय के अनुसार लेखों को ऊपर-नीचे रख सकना और जो विषय पसन्द नहीं उसे बन्द ही कर देना. कहाँ कितने लेख देखने है, यह भी स्वयं पाठक को तय करने देना. कुल मिला कर पूर्णतः लचीलापन.
अंग्रेजी में ऐसी साइटें बहुत सी मिल जाएंगी, मगर हिन्दी में अभी तक इस तरह की साइट देखने को नहीं मिल रही थी. इस कमी को पूरा करने के लिए, हमने प्रयास किया है.
प्रयास स्वरूप हिन्दी में नई तरह की सुविधाओं वाली, साफ-सुथरी व पहले से तेज साइट तरकश.कॉम नए अवतार के साथ प्रस्तुत है. कृपया अवलोकन कर अपनी प्रतिक्रियाएं व्यक्त करें.
तरकश.कॉम पर जाने के लिए यहाँ क्लिक करें.
क्या क्या नया है और क्या नया जुड़ने वाला है, यह जानने के लिए यहाँ क्लिक करें.













December 7th, 2009 at 11:44 am
तरकश डोट कॉम को पूरा देखा ……… आपका प्रयास बहुत अच्छा लगा………
December 7th, 2009 at 11:53 am
“साफ-सुथरी व पहले से तेज साइट तरकश.कॉम नए अवतार के साथ प्रस्तुत है.”
बहुत सराहनीय प्रयास है यह!
December 7th, 2009 at 12:16 pm
बेहतरीन, चुस्त, दुरुस्त! सुन्दर, सलोनी साइट!
December 7th, 2009 at 12:23 pm
जानकारी के लिए शुक्रिया !
December 7th, 2009 at 1:11 pm
बहुत अच्छा प्रयास , शुभकामनायें !
December 7th, 2009 at 4:38 pm
वाह.. बधाई.. इंतज़ार कर रहा था इस साईट का.. बढ़िया है.. तरकश के ब्लॉग में लिखने के लिए संपर्क यही साध लु या फिर मेल भेजु?
December 7th, 2009 at 5:34 pm
अभी देखते हैं. मस्त प्रयास. इसी का इन्तजार था. बधाई.
December 7th, 2009 at 9:39 pm
अच्छी जानकारी। गूगल रीडर के इन बदलावों का स्वागत है॥
December 8th, 2009 at 12:11 pm
@cmpershad,
गूगल रीडर ?
December 10th, 2009 at 12:57 pm
तरकश.कॉम हर बार अच्छा ही करता है। हिन्दी केलिए ये बहुत बढिया वैबसाइट है।
December 10th, 2009 at 5:58 pm
आभार।
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December 14th, 2009 at 3:31 am
वाह
January 2nd, 2010 at 9:46 pm
बधाई!
एक वर्ष बाद यहाँ लौट रहा हूँ।
निजी कारणों से हिन्दी ब्लॉग जगत से दूर रहा था।
अब लौटा हूँ।
आपका यह नया फ़ोर्मैट अच्छा लगा।
शुभकामनाएं
जी विश्वनाथ, जे पी नगर, बेंगळूरु