याहू से सावधान रहें
याहू के देसी अवतार पर आपका जश?न पूरा नहीं ह?आ हो तो यह खबर आपके कान जरूर खड़े कर देगी. भाई-लोग अपने अपने चिट?ठे सम?भालिये ?सा न हो याहू आपसे बिना पूछे ही आपके लेख उडा ले.
क?या कहा? विश?वास नहीं होता? तो यह देखिये, ग?जराती चिट?ठाकार विवेक टेलर के चिट?ठे ‘लयस?तरो’ से पूरी की पूरी प?रविष?टी उडा कर याहू ने यहा? सजा ली है और इसके लि? विवेकभाई के अन?सार उनसे पूछा तक नहीं गया यही नहीं, लेखक का नाम देना भी याहू ने जरूरी नहीं सम?ा!
क?या हमारे चिट?ठो पर लिखी गई सामग?री म?फ?त का माल है? जो जिसे जरूरत ह?ई उडा ले गया.
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ज?ञात ह?आ है की उक?त लेख विकि से लिया गया है, हालाकि उसके लेखक भी विवेक टेलर ही थे, यह उडा लेने की श?रेणी में आता है या नहीं कह नहीं सकते.
(टिप?पणीकार को इस प?रविष?टी में कहीं वर?तनी दोष नजर आ? तो इसका उल?लेख टिप?पणी में जरूर करे.)













February 9th, 2007 at 1:27 pm
Main gujrati nahi padh sakta, yadi yahoo ne aisa kiya hai, to usko sabak sikhane ke tareeke hain.
Alag se email likhiye, Poore tareeke batata hoon.
February 9th, 2007 at 2:23 pm
सम?भालिये= संभालिये और करे= करें
ज?यादा सही लग रहा है। वैसे आपकी मेहनत अब रंग लाने लगी है यानि मात?रा की गलतिया? धीरे धीरे कम जो होती जा रही है।
February 9th, 2007 at 2:30 pm
जित?भाई,
पूरा का पूरा कोपी-पेस?ट किया गया है. लेखक के नाम के अलावा. याहू को ई-मेल किया है, देखना है उनकी क?या प?रतिक?रिया रहती है.
सागरभाई,
धन?यवाद. म??े लगता है उच?चारण के हिसाब से सम?भालिये लिखेंगे तो ज?यादा सही रहेगा.
February 9th, 2007 at 3:16 pm
लगता है कि यह लेख याहू ने विकीपीडिया से लिया है जिसका लिंक उसी लेख के नीचे भी है।
http://gu.wikipedia.org/wiki/%E0%AA%B0%E0%AA%AE%E0%AB%87%E0%AA%B6_%E0%AA%AA%E0%AA%BE%E0%AA%B0%E0%AB%87%E0%AA%96
February 9th, 2007 at 4:43 pm
कृपया सा?चे मे ‘टिप?पणीया?’ को ‘टिप?पणिया?’ से बदल दीजिये।
अगर आप बराहा प?रयोग करते हैं तो नीचे वाली बिन?दी लगाना अच?छा रहता है, जैसे ‘उडा’ को ‘उडा़’ लिखें तो अच?छा लगेगा ।
February 9th, 2007 at 4:49 pm
संजय भाई कृपया ‘प?रविष?टी’ को भी ‘प?रविष?टि’ से बदल दीजियेगा।
धन?यवाद।
February 9th, 2007 at 7:10 pm
भाटियाजी,
आभार आपका.
रामचन?द?रजी,
टिप?पणीया? तथा प?रविष?टी शब?द मैने वही लिखे है जो सभी प?रयोग में ले रहे है, अब संशय जरूर हो रहा है. अगर आप द?वारा स??ा? शब?द सही ह?? तो उन?हे बदल दिया जा?गा, तथा आगे से ध?यान रखा जा?गा. स??ाव के लि? आभार.
February 9th, 2007 at 7:35 pm
दिल कर रहा है याहू पर हंसूं या उसे ब?रा भला कहूं? आपका अंदाज़ सही भी होसकता है या भाटिया जी ने जो लिंक के साथ कहा वो सच है। देर किस बात की, जीतू भाई से आईडियाज़ लें पता चल जा?गा कि माजरा क?या है
February 9th, 2007 at 8:06 pm
वैसे मैने भी याहू पर कल कवितायें और आलेख प?े और अधिकतर से लेखक और कवि क नाम नदारद था.
February 9th, 2007 at 8:09 pm
ग?र?जी, याहू जैसी ध?रंधर व?यावसायिक साइट से किसी और कदम की उम?मीद करना नादानी है. ये वेबसाइट अपन जैसी चिट?ठेकारों की मदद करने नहीं, नाश करने आयी है. ज़रा सोच के बताइये, चिट?ठेकारों के स?वतंत?र विचार भी कभी किसी कार?पोरेशन के साथ मिल सकते हैं. मेरा इस दिन का ब?लाग इसी बारे में है. प?ियेग ज़रूर.
February 9th, 2007 at 9:34 pm
सञ?जय जी टिप?पणिया? के लिये ग?गल मे ३९,३०० परिणाम आते हैं जब कि टिप?पणिया? के लिये २२६ जिसमे पहला आपके पृष?ठ से होता है। इसी प?रकार प?रविष?टि के लिये १५,८०० जबकि प?रविष?टी के लिये मात?र १० इन दोनो के लिये हमारे और आपके पन?ने दूसरे नम?बर पर आते हैं।
है न मज़ेदार!
February 9th, 2007 at 9:36 pm
दूसरी पंक?ति में पहला शब?द टिप?पणीया? प?ें।
February 9th, 2007 at 10:09 pm
क?या इस प?रकार की चोरियों और डकेतियों को रोका नहीं जा सकता ?
घ?घूती बासूती
ghughutibasuti.blogspot.com
February 9th, 2007 at 11:37 pm
mujhe lagta hau dhur virodhi ki baat me dum hai, yahoo hindi bloggers ke likhe ka istemaal apni site ke content barane me kar reha hai.
Maithily ji se agyantavash aisa hua to sab unke peeche lathi le ke par gaye, yahoo ki to sochi samjhi sajis lagti hai, kyon na uske uppar bhi halla bol ho jaaye.
waise yahoo achhe article chori karega to apun to puri terah safe hain
February 10th, 2007 at 6:07 pm
Pahale cafehindi.com ne article dala, writer ka naam, blog page ka link bhee dala to sabne cafehindi.com ko chor kaha, dakoo kaha. Yahoo ne article dala par naam nahi dala. GNU ke hisab se naam dalna bahut jaroori hai. Ab batao Chor daakoo kaun hai. Jinhone pahale maithily ko chor bola, bo ab kyon chup baithe hai. Ghar wale chor aur bahar wale sahookar?
February 10th, 2007 at 7:03 pm
परागभाई,
किसीके साथ पक?षपातपूर?ण व?यवहार नहीं ह?आ है. हमारे हिन?दी चिट?ठा समूह के किसी चिट?ठाकार का लेख याहू उड़ा लेता तब जो प?रतिक?रिया होती उससे आप स?वयं यह महस?स करते.
अभी ग?जराती चिट?ठाकार का लेख जो उन?होने विकि पर डाला था, को याहू ने उड़ा लिया था. पता चलते ही मैने अपने चिट?ठे पर इस बारे में लिखा. अक?षरग?राम पर यह नहीं लिख सकता था, न ही कड़े शब?दो का प?रयोग कर सकता था. जिस दिन याहू हमारे हिन?दी चिट?ठो से उड़ा?गा, उसके साथ मैथलीजी से भी ज?यादा कड़े शब?दो से निपटा जा?गा.
मैं पक?षपाति नहीं हू?, मैथलीजी अब हमारे मित?र है.
February 12th, 2007 at 11:58 am
याहू ग?जराती द?वारा मेरा लेख बिना पूर?वान?मतिके उठाये जानेकी बात पर आप सभी दोस?तोंके मिले समर?थनके लि? मैं आप सभी दोस?तोंका तहे-दिलसे श?क?रिया अदा करता हू?.आज यदि आप याहू पर यह पृष?ठ ढू?ढनेकी कोशिश क?रेंगे तो यह पेज अब नहीं मिलेगा. और यह सब हम सबकी सजागताका ही नतीजा है. फिरसे ?कबार श?क?रिया.