याहू ने हटाया लेख
चिट?ठाकार विवेकभाई टेलर का लेख याहू द?वारा उड़ा लेने पर मैने सावधान रहने कि सलाह देते ह?? लिखा था.
इस पर बह?त सी टिप?पणीया? मिली, मगर अंतिम टिप?पणी जो विवेकभाई ने दी है, को प? कर शायद आपके चहरे पर म?स?कान आ जा?गी.
विवेक भाई ने लिखा है:
याहू ग?जराती द?वारा मेरा लेख बिना पूर?वान?मतिके उठाये जानेकी बात पर आप सभी दोस?तों के मिले समर?थन के लि? मैं आप सभी दोस?तों का तहे-दिलसे श?क?रिया अदा करता हू?. आज यदि आप याहू पर यह पृष?ठ ढू?ढने की कोशिश करेंगे तो यह पेज अब नहीं मिलेगा. और यह सब हम सबकी सजगता का ही नतीजा है. फिरसे ?कबार श?क?रिया.
टिप्पणी करें
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February 14th, 2007 at 6:55 pm
सफल प?रयास के लिये बधाई.
February 14th, 2007 at 9:27 pm
पहले जहां लेख था, आज वहां 404 है. इसके लिये हम सभी बधाई के हकदार हैं. आपको सर?वप?रथम बधाई.
February 15th, 2007 at 5:36 am
इसीलिये कहते हैं संगठन में ही शक?ति है, सफल प?रयास के लिये बधाई
February 15th, 2007 at 12:00 pm
सभी को बधाई,
लेकिन अभी पक?का नही कह सकते, कि लेख हटा लिया गया है। हमारा उद?देश?य लेख हटवाना नही था, बल?कि याहू को उसकी गलती का ?हसास दिलाना था। मूल लेखक ने म??े चिट?ठी लिखी थी, मैने उसे सही जगह पह??चा दी, अपनी ?क इमेल के साथ।
यदि याहू ने गलती को स?धारा है तो उसे मूल लेखक के पास खेद पत?र जर?र भेजना चाहि? था। लेख हटाने से ग?जराती का भला नही होना, मूल लेखक का यदि लिंक होता तो हजारो और लोग, ग?जराती चिट?ठों से ज?ड़ते। इन?टरनैट पर हिन?दी तथा अन?य भाषाओं को आगे लाने के लि? सभी को साथ साथ चलना जर?री है,चाहे वो याहू हो, बीबीसी हो, चिट?ठाकार हों या कोई और निज भाषा प?रेमी। हो सकता है भाषा प?रेम किसी के लि? व?यवसायिक जर?रत हो,किसी के लि? बाध?यता या किसी के लि? गर?व का विषय। लेकिन जर?रत सभी को है, ?क दूसरे की।
March 11th, 2007 at 5:26 pm
Respected Brother’s
My name is janak….and I m doing a job in yahoo gujarati portal………Live in Rajkot very close form Phulchchab & late Ramesh parekh ..because I was a Sub-Editor in Phulchhab Since three years.
For yahoo Gujarati portal …………where you all comment’s on vivek tailor’s article………We really sorry for this……..but our aim is not for copying this artical……….according to you all r know that we are Gujarati’s and we all want’s to publish our Gujarati literature in all over the world’s. Therefore every person can know about Gujarat’s history and literature
Though that’s a big
Mistake by us. And we apologize for that we all forget about to give courtesy……..now we delete above article……..i again say sorry all off my elder’s brother………and request to deletes all blocks which was connected by vivek telar’s article……….aapna nana bhai ni vaat man so ne………..
Kindly Forward this message to all my Indian’s Brother
Thanks
Janak