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अन?गूंज के लि? ?क स??ाव

April 13th, 2006 | 5 टिप्पणियाँ | श्रेणी में

अन?गूंज के लि? चिट?ठाकार समूह पर इस समय ?क उपयोगी चर?चा चल रही हैं. ‘टेक?नोराती’ के उपयोग कि बाते हो रही हैं ?से में कहना चाह?ंगा कि यह विचार भले ही क?रांतिकारी हो, उपयोगी कितना होगा यह जानना भी जरूरी हैं. आज नये नये आये चिट?ठाकारों को अन?गूंज का लोगो अपनी पोस?ट पर चस?पाना भी भारी पड रहा हैं, हर कोई आलाकमानो कि भांती तकनीकी ज?ञान नही रखते ( और इसमें अपराध-बोध से ग?रस?त होने कि कोई आवश?यकता नही हैं सभी अपने-अपने क?षेत?र के विशेषज?ञ हो सकते हैं) जब व?याप बढ रहा हैं तो अन?गूंज में भाग लेने वालो कि संख?या भी बढने वाली हैं, ?से में यह अच?छा विचार हैं कि अन?गूंज के लि? लिखी गयी सारी प?रविष?टीयां ?क जगह ही प?रकाशित हो पर भाग लेने वाले चिट?ठाकार के लि? यह किसी टिप?पणी करने जितना आसान हो.
हर अन?गूंज के लि? ?क लिंक हो, इच?छ?क चिट?ठाकार जब वहां जाये तो उसे अब तक कि प?रविष?टीया? तो मिले ही साथ में ‘भाग लें’ का बटन भी मिले जहां से वह अपने नाम व चिट?ठे के नाम के साथ अपनी प?रविष?टी पोस?ट कर दे. वहीं टिप?पणी करने कि स?विधा भी हो.
यह सब कैसे होगा, यह सोचना और करना आलाकमानो का काम होगा, चाहे छतियाते ह?? करे या बतियाते ह??.
इस प?रविष?टी को चिट?ठे पर प?रकाशित करने कि आवश?यकता नहीं थी, इसे किसी सम?ह पर होना चाहि? था, पर चिट?ठाकार सम?ह पर क?या रखना हैं क?या नहीं, यह आज तक नहीं सम? पाया. चर?चा सम?ह का उपयोग इन दिनों अपनी नयी पोस?ट कि जानकारी देने के लि? हो रहा हैं.
नया फोरम अभी अस?तित?व में आना बाकी हैं, फिलहाल नाम पर चर?चा चल रही हैं. अरे! बना तो लो, नाम बाद में रख लेंगे. नाम में क?या रखा हैं? रायस?मारी या अभिमत रख लेना और क?या?

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5 प्रतिक्रियाएं to “अन?गूंज के लि? ?क स??ाव”

  1. समीर लाल Says:

    बह?त अच?छा विचार है.बह?त आरामदायक, सरल और उपयोगी साबित होगी ?सी व?यवस?था.

  2. प?रेमलता पांडे Says:

    संजय जी योग?यता की शर?त स?पष?ट नहीं थी वरना ऎसा नहीं होता।

  3. Debashish Says:

    अन?गू?ज के साथ लोगो लगाने का नियम सम?ने के लिये आपको इस आयोजन की भावना कि सम?ना होगा। विषय ?क मत अनेक। हर किसी के लिये अपने ब?लॉग पर लिखना सबसे आसान है, और लिख कर लोगो चिपका देने से आगंत?क भी जान पाते है कि अन?गू?ज नामक कोई साम?दायिक आयोजन होता है और यह जनाब इस सम?दाय के अंग हैं।

    अगर हम कहें की सारे लोग फलां फलां जगह पर ही पोस?ट करे तो अनेक दिक?कते हैं, लॉगिन बनाओ, फिर कोई ब?लॉगर का प?रयोक?ता है तो वर?डप?रेस की खबर नहीं रखता, कोई किसी अन?य जगह पर पोस?ट ही नहीं करना चाहता, इन सारी दिक?कतों से निजात पाने का यही तरीका दिखा कि अपने धर पर ही प?रकाशित करो। अन?गू?ज के अवलोकनी चिट?ठे से सारे भाग लेने वालों का पता चल जाता है पर अन?गू?ज लोगो से सर?वज?ञ की कड़ी मिलती है जहा? सारे प?राने आयोजन और विगत चिट?ठों की कड़ी भी है। यह कड़ी कैसे बनातें? सारे चिट?ठों से फकत अनूगू?ज का पोस?ट कैसे निकाल पाते? इसलिये स??ाव दिया टेक?नोराती टैग का, ताकी टैग की फीड द?वारा हालिया चिट?ठे दिखा सकें सर?वज?ञ पर अन?गू?ज के पृष?ठ पर।

    तकनीकी समस?या तो है, पर कोड कॉपी पेस?ट करने में तो समस?या नहीं होनी चाहिये! ये तो चिट?ठा पोस?ट करने से भी सरल लगता है।

    और ये आलाकमान शब?द के फेर में नहीं पड़िये। यहा? न कोई कमान है, न कोई आला और न निराला। ब?लॉग लेखन से हम सब आ ज?ड़े हैं और यही हमें जोड़े भी रखेगा, राजनीति अखबारों और चैनलों को करने दीजिये।

  4. Amit Says:

    नया फोरम अभी अस?तित?व में आना बाकी हैं, फिलहाल नाम पर चर?चा चल रही हैं. अरे! बना तो लो, नाम बाद में रख लेंगे. नाम में क?या रखा हैं? रायस?मारी या अभिमत रख लेना और क?या?

    नाम में ही तो सब क?छ रखा है!! ;) वैसे सब क?छ तैयार है, बस नाम रखते ही उसके द?वार जनता जनार?दन के लि? खोल दि? जा??गे। :)

  5. संजय बेंगानी Says:

    अमित तब तो फोरम का नाम जनता जनार?दन के लि? ‘(मलिका) शेरावत-संगोष?टी’ रखने में क?या ब?राई हैं

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