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टी आर पी के लि? टोने-टोटके

July 9th, 2006 | 10 टिप्पणियाँ | श्रेणी में

टी आर पी के लि? चिंतित चिट?ठाकारों के लि? क?छ टोने-टोटके लिख रहा ह?ं. यह पूर?णतः वैज?ञानिक हैं (!!?!! ज?योतिष कि तरह )
विदेशी भी अब इसे स?वीकरने लगे हैं. ( यह जादूई वाक?य हैं, भारतीयों को अपने से ज?यादा विदेशीयों पर विश?वास रहता हैं.)
यह केवल श?रद?धाल?जनो के लि? हैं, गल?त नीयत वाले इस प?रविष?टी से दूर रहे. स??ावों के बदले हम क?छ नहीं मांगते, बस जो श?रद?धा से जितना दे दे वो हमारे लि? कम हैं. अगर आप इन सब बातो से सहमत हैं तो सम?ीये आप सही जगह आ?ं हैं. क?छ फोर?म?ले नोट कर ले (कॉपि-पेस?ट भी कर सकते हैं).
1.चिट?ठा लिखना प?रारम?भ करने से पहले क?री? ख?री? ग?री? से लेकर ह?री? तक श?द?ध उच?चार के साथ ?क बार जाप कर लें. क?छ श?रद?धाल? क?री? का उच?चारण की-रिंग करते हैं, उन?हे अपना उच?चारण ठीक करने के लि? हमारे यहां से ?क मंतर-मारी ह?ई अंग?ठी मंगवा कर धारण करनी चाहि?. तब तक मंत?र का प?रिंट-आउट निकाल कर कमप?य?टर के सामने चिपका लें.
2. अगर आपको नियमीत दो-चार टिप?पणी मिलती रही हैं और अचानक टिप?पणीया? आनी बन?द हो जाती हैं तो सम?ीये किसी इर?ष?याल? चिट?ठाकार कि ब?री नजर लगी हैं, इसका उपचार भी सरल हैं. अपने चिट?ठे पर बन?दर, गधे या संजय बेंगाणी कि तस?वीर लगा?ं. अच?छी बात यह हैं कि इन दिनो सारे ब?री नज़र वाले चिट?ठाकार छ?ट?टीया? मनाने यहा?-वहा? भटक रहे हैं.
3.मंगलवार का व?रत रखें, घबराईये मत भूखा नहीं रहना हैं, बस इस दिन चिट?ठा मत लिखीये. शनिवार को किसी भी चिट?ठे पर टिप?पणी न करे.
4. हर रोज ?क बकवास चिट?ठे पर ?क टिप?पणी जरूर करें, दूर जाने कि आवश?यक?ता नहीं हैं, जोगलिखी आप जैसे श?रद?धाल?ओं के लि? ही श?रू किया गया हैं. यह फोर?म?ला रोज क?त?ते या गाय को रोटी खिलाने पर आधारीत हैं.
5. नारदजी सें पंगा ना ले, इनकि साड़े-साती को भ?गतना भारी पड़ेगा.

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10 प्रतिक्रियाएं to “टी आर पी के लि? टोने-टोटके”

  1. प?रेमलता पांडे Says:

    गवेषणात?मक लेख है। काफी लाभदायक जानकारिया? देने के लि? धन?यवाद।
    -प?रेमलता पांडे

  2. ratna Says:

    बह?त खूब ।परन?त? टोने टोटके तभी फल देते है यदि देवों की कृपा दृष?टि हो अत:—-
    ५. वर?ष में कम से कम ?क बार तीर?थ (ब?लागर-मीट) में देवों और म?नियों के दर?शन करने चाहि? ।
    ६. उस तीर?थ यात?रा की महिमा की कथा बांचनी चाहि?
    ७. प?रसाद (फोटो ) बांट दे तो अति उत?तम ।
    यह न कर पा?ं तो–
    ८.क?छ रोज़ का मौनव?रत रख ?कान?तवास करना भी लाभदायक रहता है ।
    ९.कार?य(चिट?ठे) के आरम?भ से समापन होने तक वििभिन?न देवों का स?मरण और नमन सदा फलदायक होता है ।
    १०.प?रत?येक स?थान पर होने वाली कथा में चढ़ावा चड़ाने पर पूर?ण कल?याण प?राप?त होता है ।

  3. उन?मउक?त Says:

    चलिये मैं भी टिप?पणी देकर ?क बात तो पूरी करूं|

  4. सागर चन?द नाहर Says:

    टोटका क?रमांक 4 से श?रूआत करता ह?आ अपने कल?याण की आशा करता ह??, वैसे तो नारद म?नि की कृपा दृष?टि से टी आर पी तो ठीक ही चल रहा है परन?त? इस चिठ?ठा जगत में अब संजय बेंगानी जैसे प?रतियोगी हो गये हैं जो ?क ही विषय पर ?क और लेख लिख कर टी आर पी घटाने में लगे है, इसलि? समय पर टोटका कर लेना ही सही है।
    बह?त खूब संजय भाई
    लगता है टी आर पर अब और लेख प?ने को मिलेंगे।

  5. SHUAIB Says:

    इस जानकारी लेख पर आपका श?क?रिया

  6. आशीष Says:

    टोटका नं ४ का प?रयोग कर रहा हूं

  7. संजय बेंगानी Says:

    प?रेमलताजी, आपका आभार.
    रतनाजी, आपका तिर?थयात?रा सम?बन?धि स??ाव कमाल का हैं. सचम?च इसके बिना फल प?राप?ति कि कामना करना बेकार हैं.
    सागरभाई, श??बभाई तथा आशीषभाई,
    फोर?म?ला नम?बर चार ब?राह?मण भोज पर आधारित हैं. यहां आते रहे टिप?पणी करते रहें, फल कि चिंता ना करे, ऊपरवाला सब देख रहा हैं.

  8. प?रत?यक?षा Says:

    :-) ))

  9. eshadow Says:

    अच?छा लिखा, धन?यवाद।

  10. naresh jariwala Says:

    Bhadhiya likha he.

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