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धन्यवाद सोनियाजी

November 27th, 2008 | 25 टिप्पणियाँ | श्रेणी राष्ट्ररंग में

धन्यवाद सोनियाजी, राष्ट्र के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री व गृहमंत्री जैसे तीन सर्वोच्च व महत्त्वपूर्ण पदों पर तीन कमजोर व चापलूस लोगो कों बैठाने के लिए. यह राष्ट्र सदा आपका ऋणी रहेगा.



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25 प्रतिक्रियाएं to “धन्यवाद सोनियाजी”

  1. अरूण अरोरा Says:

    सरकार सेना और संतो को आतंकवादी सिद्ध करने जैसे निहायत जरूरी काम मे अपनी सारी एजेंसियो के साथ सारी ताकत से जुटी थी ऐसे मे इस इस प्रकार के छोटे मोटे हादसे तो हो ही जाते है . बस गलती से किरेकिरे साहब वहा भी दो चार हिंदू आतंकवादी पकडने के जोश मे चले गये , और सच मे नरक गामी हो गये , सरकार को सबसे बडा धक्का तो यही है कि अब उनकी जगह कौन लेगा बाकी पकडे गये लोगो के जूस और खाने के प्रबंध को देखने सच्चर साहेब और बहुत सारे एन जी ओ तीस्ता सीतलवाड की अगुआई मे पहुच जायेगी , उनको अदालती लडाई के लिये अर्जुन सिंह सहायता कर देगे लालू जी रामविलास जी अगर कोई मर गया ( आतंकवादी) तो सीबीआई जांच करालेगे पर जो निर्दोष नागरिक अपने परिवार को मझधार मे छोड कर विदा हो गया उसके लिये कौन खडा होगा ?
     

  2. sareetha Says:

    सिर्फ़ ऋणी होने से काम नहीं चलने वाला । इन्हें तो नवाज़ा जाना चाहिए ,देश को बेचने बदनाम करने ,कमज़ोर करने और बरबादी के कगार पर ला खाडा करने के लिए …। इतिहास के इन सच्चे सिपाहियों को आने वाली नस्लें याद[ ? ] रखेंगी ।

  3. dhirusingh Says:

    sonia ke sath sath un sabhi ko bhi badhai jo is kukrty main sath the .

  4. umeshawa Says:

    मुम्बई मे कल हुआ आतंकी घटना कोई आतंकी संगठन का काम नही हो सकता। इस घटना मे कुछ भारत मे आतंकवाद निर्मुलण के लिए काम करने वाले कुछ महत्वपुर्ण व्यक्तियो की हत्या की गई है । सम्भव है की उन व्यक्तियो के साथ ही कई महत्वपुर्णॅ राज भी सदा के लिए समाप्त हो गए है। घटना के बाद कुछ मुसल्मान आतंकी पकडे जाएगे लेकिन वह सब सत्य को छुपाने की एक कवायद भर है। जब हिन्दुओ के नाम से कोई किसी को मारता है तो शर्म से हिन्दुओ की गरदन झुक जाती है। वैसे ही जब कोई मुसलमान किसी इनसान को मुसलमान के नाम से मारता है तो मुसलमान की भी गरदन झुकती है। तो क्या चर्च से संचालित शक्ति सम्पन्न देशो के खुफिया संगठनो ने इस घटना को अंजाम दिया है ? यह सोचने वाली बात है।  इस लाइन पर अनुसंधान होना ही चाहिए। सोनिया गांधी सम्भवतः विश्व के सबसे बडे आतंकी संगठन की अंग है।

  5. मिहिरभोज Says:

    भाई क्या आपने द्रोहकाल फिल्म देखी है…नहीं देखी तो देखिये बहुत कुछ समझ आयेगा..जो काम के थे मारे गये इंदिरा जी,राजीव ,संजय,माधवराव सिंधिया…जो नहीं मारे गये नारायण दत्त तिवारी,शरद पवार…..बरफ मैं लगा दिये गये और जो बचे वे चमचे हैं सिर्फ जिनकी गर्दन मैं एक ही जोङ है जो आगे पीछे हिलता है

  6. कुश Says:

    सोनिया का बस चला तो बचा खुचा देश भी नही बचेगा

  7. rachna Says:

    aap ki baat sae purntaa sehmati . kyaa ham sab ek din kae liyae apnae blog kuch naa likh kar virodh jataa saktey haen . sab log post daaley par kewal aur kewal kaalae rang ki post kal kae liyae kisi parkaar sae is baat ko sab par karvaaye aabhar hoga

  8. सुमो Says:

    सोनिया को धन्यवाद क्यों, आप धन्यवाद तो हमें दीजिये क्योंकि हमने ही तो सोनिया को यहा तक पहुंचाया है
    कैसे प्रायश्चित करें इसका?

  9. ज्ञानदत्त पाण्डेय Says:

    हताशा का माहौल व्यापक हो रहा है और यह देश के लिये अच्छा नहीं बुरा है।

  10. ummed singh baid saadhak Says:

    गाँधी-नेहरु वंश को, भुगत रहा है देश.
    सदाशयता की अति हुई, अब तो जागे देश.
    अब तो जागे देश,समझ ले बात ये पक्की.
    धर्म-युद्ध से बचना मुश्किल,शश्वत-सच्ची.
    कह साधक कवि,टाला सैतालिस में जिसको.
    भुगत रहा है देश, गाँधी-नेहरु वंश को.

  11. a common man Says:

    hinduon ke khatme ke saath hi aatankvad khatam ho jaayega.

  12. रतन सुराणा Says:

    सर्व प्रथम, जो सुरक्षा कर्मी एवं आम जन काल-कलवित  हुए हैं, उनको श्रद्धांजलि देता हूँ. और जिन सत्ताधीशों पर देश की रक्षा का भार डाला हुआ है, उनको श्रद्धांजलि देना चाहता हूँ. न्याय सिर्फ देश के न्यायालयों द्वारा ही नही, नियति द्वारा भी हो सकता है, ऐसा कभी-कभी प्रतीत होता है. कामना करता हूँ- जो देश की जनता की गाढी कमाई पर स्वर्ग का सा सुख भोग रहे हैं, नियति उन्हें स्वर्गवासी बना दें.

  13. amit Says:

    अरे, और कल तो ये टीवी पर दनादन हर पाँच मिनट में विज्ञापन दिखा रिये थे कि कांग्रेस को वोट दो कांग्रेस ने कितनी तरक्की पर पहुँचाया है देश को!! :roll:

  14. Sanjeev Kumar Sinha Says:

    कांग्रेस को सबक सिखाओ- देश बचाओ।

  15. बी एस पाबला Says:

    आईये हम सब मिलकर विलाप करें

  16. Tarun Says:

    चित्र के लिये धन्यवाद लेकिन इसे ऐसे पोस्ट में ना लगा कर वैसे लगाओ जैसे हमने लगाया है,

    दो ही रास्ते हैं -

    १. शोक करते रहो और मरते रहो
    २. विद्रोह करो और जिंदा रहो

    च्वाइस आपकी?

    राजा अगर नपुंसक हो तो उसकी प्रजा का यही हश्र होता है, प्रजा को अगर जिंदा रहना है तो उसे ऐसे नपुंसक राजा और उसकी नपुंसक सेना दोनों के खिलाफ विद्रोह कर उन्हें गद्दी से हटा देना चाहिये।

  17. eswami Says:

    अंग्रेजी में बोलूं?
    People get the leaders they deserve!

  18. ghughutibasuti Says:

    यदि हम इतने मूर्ख हैं कि एक परिवार के नाम पर वोट देते हैं तो फिर वोट पाने वाली का क्या दोष ? एक चपरासी, क्लर्क, बस कंडक्टर के ओहदे के लिए यहाँ हजारों अर्जी आती हैं और उनकी योग्यता देककर उन्हें काम मिलता है । परन्तु हम सोने की थाली में फूलों से मुकुट सजाकर एक परिवार के किसी भी व्यक्ति का राज्याभिषेक करने को लालायित रहते हैं । अतः दोष हमें स्वयं को देना चाहिए ।
    घुघूती बासूती

  19. मलय त्रिदेव Says:

    अब तो हद ही हो गयी। कुछ क्रान्तिकारी कदम उठाना चाहिए। कुछ भी…।

    अब समय आ गया है कि देश का प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी को, राष्ट्रपति लालकृ्ष्ण आडवाणी को, रक्षामन्त्री कर्नल पुरोहित को, और गृहमन्त्री साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को बना दिया जाय। सोनिया,मनमोहन,शिवराज पाटिल,और प्रतिभा पाटिल को अफजल गुरू व बम्बई में पकड़े गये आतंकवादियों के साथ एक ही बैरक में तिहाड़ की कालकोठरी में बन्द कर देना चाहिए। अच्छी दोस्ती निभेगी इनकी।

    इनपर रासुका भी लगा दे तो कम ही है।

  20. सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी Says:

    ॐ शान्तिः।
    कोई शब्द नहीं हैं…। बस…।

  21. anil pusadkar Says:

    संजय जी आपसे सहमत हूं।देश इतना कमज़ोर कभी नही नज़र आया।

  22. प्रवीण त्रिवेदी-प्राइमरी का मास्टर Says:

    ” शोक व्यक्त करने के रस्म अदायगी करने को जी नहीं चाहता. गुस्सा व्यक्त करने का अधिकार खोया सा लगता है जबआप अपने सपोर्ट सिस्टम को अक्षम पाते हैं. शायद इसीलिये घुटन !!!! नामक चीज बनाई गई होगी जिसमें कितनेही बुजुर्ग अपना जीवन सामान्यतः गुजारते हैं……..बच्चों के सपोर्ट सिस्टम को अक्षम पा कर. फिर हम उस दौर सेअब गुजरें तो क्या फरक पड़ता है..शायद भविष्य के लिए रियाज ही कहलायेगा।”

    <b>समीर जी की इस टिपण्णी में मेरा सुर भी शामिल!!!!!!!</b>
    <a href=”http://primarykamaster.blogspot.com/”>प्राइमरी का मास्टर</a>

  23. प्रवीण त्रिवेदी-प्राइमरी का मास्टर Says:

    ” शोक व्यक्त करने के रस्म अदायगी करने को जी नहीं चाहता. गुस्सा व्यक्त करने का अधिकार खोया सा लगता है जबआप अपने सपोर्ट सिस्टम को अक्षम पाते हैं. शायद इसीलिये घुटन !!!! नामक चीज बनाई गई होगी जिसमें कितनेही बुजुर्ग अपना जीवन सामान्यतः गुजारते हैं……..बच्चों के सपोर्ट सिस्टम को अक्षम पा कर. फिर हम उस दौर सेअब गुजरें तो क्या फरक पड़ता है..शायद भविष्य के लिए रियाज ही कहलायेगा।”

    समीर जी की इस टिपण्णी में मेरा सुर भी शामिल!!!!!!!

    प्राइमरी का मास्टर

  24. omprakash modi Says:

    Soniaji/Adwani,

    Please stop this political dramma of accusing each other and secking your own man to fool the country and do something concrete to stop these type of events recurring again. All politician are loosing credibility the way they are not showing any concern towards the country. Your Home minister sends his resignation to party chief (in hope) he/she will reconsider it, not to legal heads to whom actually it is to send. They take oath of constitution and are responsible first to nation than to respective parties. Will politicians ever place nation before their parties.

  25. Sanjay RPanchal Says:

    सोनियाजी, इटली की कसम, इसमें विदेशी हाथ है!

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