जमूरे, खेल दिखा…
“जमूरे..?
?जी उस?ताद!?
?यह क?या हो रहा हैं??
?आतंकवादी हमले कर रहे हैं, उस?ताद?
?तो इन?हे रोको, जमूरे..?
?नहीं रोक सकते उस?ताद?
?क?यों नहीं रोक सकते, जमूरे??
?वे उड़ गये उस?ताद.?
?तो हवाई यात?रा?ं रोक दो…?
?रोक दी उस?ताद?
?और क?या रोक सकते हैं, जमूरे??
?वे ब?लोग भी लिखते हैं उस?ताद?
?तो ब?लोगों को ब?लोक कर दो..?
?कर दीया उस?ताद?
?आतंकवादी और क?या करते हैं, जमूरे..??
?वे फोन पर बाते करते हैं उस?ताद?
?तो आइ ?स डी लाइने बन?द करवा दो..?
?करवा दी उस?ताद?
?बोलो आतंकवादी और क?या करते हैं, जम?रे??
?आतंकवादी खाना भी खाते हैं, उस?ताद?
?#@%$#@?
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July 18th, 2006 at 11:42 am
बह?त बढ़िया.. सच में जमूरे और उस?ताद का खेल चल रहा है. पिल पड़ते हैं हम सब इन लोगों पर.. अपन साथ है फिकर नॉट. हम सब साथ है..
July 18th, 2006 at 12:36 pm
बह?त द?ःख ह?आ जानकर।
July 20th, 2006 at 3:45 pm
बह?त अच?छा लिखा है संजय जी । पर सरकार के कान पे जू? कहा? रे?गने वाली है
July 21st, 2006 at 4:38 am
अच?छा व?यंग?य लिखा जी, उस?ताद और जमूरे के साथ हम भी हैं (पब?लिक)