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नेताजी हिन्दू थे तो इसमें बूराई क्या है?

January 24th, 2009 | 22 टिप्पणियाँ | श्रेणी लोकाचार में

मान लिजीये कोई मुस्लिम कहे कि मौलाना आज़ाद एक सच्चे (देश भक्त) मुस्लिम थे. तो क्या मौलाना साम्प्रदायिक व्यक्ति हो जाएंगे? कम से कम मेरी नजर में तो नहीं. फिर जब सुभाष बाबू को कोई सच्चा (देश भक्त) हिन्दू कह दे तो वे साम्प्रदायिक कैसे हो गए? क्या हिन्दू शब्द ही इतना बूरा है कि उसके जुडने मात्र से ही व्यक्ति घृणित व साम्प्रदायिक हो जाता है?

नेताजी ने एक नारा दिया था, जय हिन्द. नेताजी की सोच ऐसी नहीं थी कि तब उन्हे लगता कि हिन्दू शब्द ही घृणा के पात्र है, वरना वे जय इण्डिया का नारा देते और खुद भी इस बात को साफ कर जाते कि भई मैं धर्मनिरपेक्ष सोच रखता हूँ अतः मुझे हिन्दू न माना जाय, चूंकि हिन्दू शब्द का अर्थ ही साम्प्रदायिक होता है.

आडवाणी ने नेताजी को सच्चा हिन्दू बता दिया तो उनके भतीजे को बूरा लग गया. बोले वे हिन्दू परिवार में पैदा तो हुए थे मगर साम्प्रदायिक नहीं थे. मुझे तो उनका यह तर्क समझ में नहीं आया. किसने कहा कि वे साम्प्रदायिक थे? उन्हे हिन्दू कहा गया है, तो क्या वे हिन्दू नहीं थे? महात्मा गाँधी ने कभी नहीं कहा कि वे हिन्दू नहीं है. गीता पाठ करते रहे. मरते मरते भी राम का नाम ले गए. तो क्या वे साम्प्रदायिक थे?

संकुचित सोच वाले छद्म सेक्युलर वामपंथी इस बात को समझ ही नहीं सकते कि एक हिन्दू संस्कारों से ही धर्मनिरपेक्ष होता है, उसे उनकी तरह सेक्युलरिजम ओढना नहीं पड़ता. जय-हिन्द.

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22 प्रतिक्रियाएं to “नेताजी हिन्दू थे तो इसमें बूराई क्या है?”

  1. Gyan Dutt Pandey Says:

    संकुचित सोच वाले छद्म सेक्युलर वामपंथी इस बात को समझ ही नहीं सकते कि एक हिन्दू संस्कारों से ही धर्मनिरपेक्ष होता है, उसे उनकी तरह सेक्युलरिजम ओढना नहीं पड़ता.
    ————–
    यह बहुत सही कहा।

  2. समीर लाल Says:

    जय-हिन्द.  बाकी लोग तो अब आ रहे होंगे चर्चा करने. यहीं कहीं आस पास से देखता रहूँगा. :wink:

  3. कार्तिकेय Says:

    ज्ञान जी की बात से सहमत। हिन्दू को अपनी धर्मनिरपेक्षता हर क़दम पर साबित करने की जरूरत नहीं। जहाँ तक नेताजी के वंशधरों की बात है, नेताजी द्वारा पवित्र विचारों से प्रेरित होकर बनाया गया फ़ारवर्ड ब्लाक आज दिशाहीन होकर किस रास्ते पर चल पड़ा है, बताने की आवश्यकता नहीं।

  4. Suresh Chiplunkar Says:

    इन घटिया वामपंथियों को शायद “जय हिन्द” कहने में भी शर्म आती होगी… इनके आकाओं को वन्देमातरम में भी साम्प्रदायिकता दिखी थी… किसी ने सही कहा है कि “गिरने” की कोई सीमा नहीं होती और वामपंथियों के बारे में यह बात बिलकुल सच है…

  5. ताऊ रामपुरिया Says:

    आप सही कह रहे हैं आज तो लगता हिन्डू शब्द ही गाली हो गया है, खुद हिन्दु भी ऐसा ही सोचने लग गये दिखते हैं 
    और मुझे तो लगता है गांधी शब्द भी आगे जाकर नेताजी वाला हाल ना करवा ले.:)

    रामराम.

  6. JAYRAM Says:

    BHARAT MAIN SECULAR HONA HAI TO HINDU SE KANNI KATA KARO , HINDUON KO GARIYANA SHURU KARO  DUSRO KE HAR PAAP KA AAROP UNKE SAR MADH DO (JO PRAGYA KE SAATH HUE) BAS HO GAYE NA AAP SECULAR ….PAR YE TO NETAO KI PARIBHASHA HAI …
    DUKH TO TAB HOTA JAB HAMME SE KUCHH LOG PATA NAHI KIS SWARTH WAS AISA KARTE HAIN… UN MURKHON KO SABSE PAHLE HINDU KA MATLAB JANNE KI JARURAT HAI…..JAKAR PADHNA CHAHIYE SAWARKAR (JINNHE AAJADI KE BAAD BHI KAID MAIN RAKHA GAYA) KE DWARA DI GAYI HINDU HONE KI PARIBHASHA KO ……………………

  7. रौशन Says:

    वे बेचारे  नेता जी , राष्ट्र , धर्म और हिनुस्तान को समझ ही नही पाये हैं सेकुलरिस्म तो उसके बाद की चीज है
    अभी वो मार्क्स को ही समझने में अटके  हैं

  8. रौशन Says:

    वैसे इस बात पर ओब्जेक्शन करने वाले वो महाशय हैं कौन?

  9. संगीता पुरी Says:

    बहुत सही ……. usrkth

  10. संगीता पुरी Says:

    नेताजी पूरे भारतवर्ष के नेता थे…..वर्ग , धर्म या जाति विशेष के नहीं।

  11. amit Says:

    भई हिन्द की तो सदैव ही जय रहेगी, चाहे कोई मूढ़राज इस कथन को सेक्यूलर माने चाहे न माने। राष्ट्र हर धर्म मान्यता से बड़ा होता है – धर्म व्यक्ति को जीवन मूल्य सिखाता है लेकिन राष्ट्र व्यक्ति को अपनी छाँव में पालता है।

  12. अरूण अरोरा Says:

    सही बात है जी हिंदू होना कलंक की बात है , आप मुस्लिम हो क्रिश्चियन हो चलेगा  पर हिंदुस्तान मे हिंदू होना घोर पाप
      लट्ठा उठालो हाथ मे ढेर लगादो सालो का
     पहले भगाये थे अग्रेज अब नंबर है कालो का

  13. Ratan Singh Shekhawat Says:

    इस तरह की बाते सिर्फ़ संकीर्ण  सोच वाले और वामपंथी ही सोच सकते है नेताजी के भतीजे की सोच भी लगता है बहुत संकीर्ण है

  14. अतुल शर्मा Says:

    जय हिन्द! :-)

  15. Sushobhit Saktawat Says:

    bas ek baat ghalat hai ki- hindu dharm mein hi dharmnirpekshta ki avdharna hai… aap hindu aur dharmnirpeksh ek saath nahi ho sakte…

  16. संजय बेंगाणी Says:

    सुशोभितजी,

    खूदा को न मानने वाला मुस्लिम हो सकता है? जिसस को या गॉड को न मानने वाला ईसाई हो सकता है? राम को न मानने वाला या मुझ जैसा अनिश्वरवादी हिन्दू हो सकता है. क्यों कि हिन्दू अवधारणा बहूत व्यापक है.

    वैसे क्या मुस्लिम या ईसाई धर्म में धर्मनिरपेक्षता की अवधारण है? अगर नहीं तो क्या कोई मुस्लिम या ईसाई धर्मनिरपेक्ष नहीं हो सकते?

  17. Sushobhit Saktawat Says:

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    धर्मनिरपेक्षता शब्‍द ही धर्म का प्रत्‍याख्‍यान (अवधारणा को ख़ारिज या एंटीथीसि‍स) करता है. आप सर्वधर्मसमभाव को धर्मनिरपेक्षता से कंफ़्यूज़ नहीं कर सकते. कोई अनीश्‍वरवादी हिंदू हो सकता है या नहीं, यह कोई बाहरी आदमी तय नहीं करेगा. दरअसल, किसी को ख़ुद को हिंदू कहलाना है या नहीं, यह उसे ख़ुद ही तय करना होगा. यह एक व्‍यक्तिगत निर्णय होगा. आपने इस्‍लाम और ईसाइयत के उदाहरण दिए, उनके फ़ंडामेंटलिज्‍़म अपनी जगह हैं, उससे तुलना करने से कुछ निश्चित नहीं होता. नेताजी हिंदू थे या नहीं, ये भी अलग बात है, सवाल उस मंशा पर उठाना चाहिए, जिस मंशा के साथ एलके आडवाणी जैसे लोग अपनी बात कहते हैं. हिंदू थे, कहने की ज़रूरत क्‍या है. कल से कोई कहेगा, बंगाली थे. धर्म-संप्रदाय के आग्रह और क्षेत्रवाद इसी तरह पनपते हैं.

  18. Sunil Sharma Says:

    हिंदू शब्द का अर्थ यह नही जो आमतौर पर हम आंकते हैं हिंद का वासी मतलब हिंदू चूँकि हम हिंद में रहते हैं अतः हम ख़ुद को चीनी अथवा अमेरिकन तो नही कह सकते तो हमारे तथाकथित देशभक्त वामपंथी इस शब्द से क्यूँ परहेज़ करते हैं. यदि ख़ुद को हिंदू कहने से हम सांप्रदायिक हो गए तो क्या राष्ट्रवाद और सम्प्रदायवाद में कोई अन्तर नही ? हिंदू कोई धर्म नही वरन धर्म तो सनातन धर्म है हिंदू शब्द महज़ एक अवधारणा है देशभक्ति की एकता की न कि साम्प्रदायिकता की.

  19. FIROZ KHAN Says:

    DIMAG DESH KO AAGE LE JANE ME LAGAO, IN FAALTO BAATO AUR UNKA JAWAB DENE KE BAJAYE KUCH KAAM KARO KUCH AISA KARO JO TUMHARE AUR AANE WALE LOGON KA KUCH BHALA HO, AUR TUMHARE JANE KE BAAD WO TUMHE KUCH SAMAYE TAK YAAD KARE NA KOI HINDU HAI NA MUSLIM AGAR USKE PAAS GYAAN NAHI HAI AUR AGAR GYAAN HAI TO OSKA SAHI USE NAHI HAI TO BHI WO KUCH NAHI HAI SIRF EK JYADA-SE-JYADA JAANWAR KAHA JA SAKTA HAI OSE BAS?    DESH EK KASHTI (BOAT) HAI JISME HUM SABHI MAZHAB KE LOG SAWAAR HAIN, IS KASHTI KO KHEPNA HUM SABHI KA FARZ HAI:                                JAI HIND  JAI BHARAT             FIROZ KHAN (HAIDER)  09455197260-09395481167  LUCKNOW

  20. FIROZ KHAN Says:

    DEAR INDIANS,       NETA JI HINDU HAIN, THEY KYA HOTA HAI ,  BORAI UN ME NAHI HAI IS BAAT KO PUCHNE WALE ME HAI,  NETA JI EK REAL HINDUSTANI HAI, EK REAL HINDU HAI, HUM EK MUSALMAAN HAIN LEKIN OS SE PAHLE EK HINDUSTANI HAIN                              MAIN NETAJI KE CHARAN DHO KE PINA CHAHATA HON,  FIROZ KHAN (HAIDER)  09455197260- 09305481167

  21. आदर्श राठौर Says:

    सही कहा आपने। आजकल जितनी होड़ खुद को धर्म निरपेक्ष जाहिर करने की लगी है उतनी ही होड़ सांप्रदायिक (यूं कहें किसी धर्म का हितैषी) बनने की लगी है।

  22. ePandit Says:

    हिन्दुत्व की अवधारणा ही सभी प्राणियों के कल्याण में निहित है। साम्प्रदायिकता का तो कोई प्रश्न ही नहीं। हिन्दू धर्म तबसे है जब अन्य किसी धर्म का अस्तित्व ही न था, तो साम्प्रदायिकता तो हिन्दू धर्म में होती ही कहाँ से।

    आडवाणी ने नेताजी को सच्चा हिन्दू बता दिया तो उनके भतीजे को बूरा लग गया.

    क्या नेता जी के भतीजे का मतलब था कि सच्चे हिन्दू साम्प्रदायिक होते हैं?

    बोले वे हिन्दू परिवार में पैदा तो हुए थे मगर साम्प्रदायिक नहीं थे

    क्या वे कहना चाहते थे कि हिन्दू परिवार में पैदा होने वाले बाइ डिफॉल्ट साम्प्रदायिक होते हैं? इसका मतलब ये है कि वे (भतीजा) खुद भी हिन्दू परिवार में पैदा हुये हैं तो साम्प्रदायिक हैं।

    वैसे नेता जी की वैचारिक विरासत के उत्तराधिकारी उनके भतीजे हैं क्या? वे कौन होते हैं नेता जी को कोई सर्टिफिकेट देने वाले? नेता जी की विरासत पर उनका नहीं पूरे राष्ट्र का हक है।

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