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डायनासोर प्रजाति के जीवों के नाम विचित्र होने की वजह |
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रोचक तथ्य और जानकारी
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बुधवार , , 16 अप्रेल |
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तरकश ब्यूरो
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| इस नस्ल के प्रागऐतेहासिक जीवों के नाम उनकी शारीरिक रचनाओं के उपर आधारित होने लगे. |
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डायनासोर नस्ल के कुछ जीवों के नाम इतने अधिक कठिन होते हैं कि ना केवल उन्हे याद रख पाना मुश्किल होता है, बल्कि कभी कभी तो सही प्रकार से उच्चारित भी कर पाना असम्भव हो जाता है.
डायनासोर की सभी जातियों के नाम ग्रीक अथवा लैटिन भाषाओं से लिए गए हैं. ये नाम मात्र प्रतीकात्मक नही हैं बल्कि अपने नाम के हिसाब से अर्थ भी प्रस्तुत करते हैं.
डायनासोर नस्ल के जीवों के लिए सभी अधिक प्रचलित ऐसा "डायनोसोर्स" नाम भी ग्रीक भाषा से लिया गया है. सन 1842 में रिचर्ड ऑवेन नामक वैज्ञानिक ने यह नाम सुझाया था. ग्रीक भाषा में "डायनोस" का अर्थ डरावना और "सौरस' का मतलब छिपकली होता है. इन दोनों शब्दों का मेल "डायनोसोर्स" के नाम से प्रसिद्ध हुआ.
इसके बाद इस नस्ल के प्रागऐतेहासिक जीवों के नाम उनकी शारीरिक रचनाओं के उपर आधारित होने लगे.
उदाहरण के लिए, ट्रायसेराटोप्स नामक डायनोसोर्स को यह नाम इसलिए दिया गया क्योंकि उसके सिर के उपर तीन सींग होते थे. ग्रीक भाषा में ट्राय यानि तीन और सेरा का मतलब सींग होता है.
उसी प्रकार पेशीरायनोसोर्स नामक डायनोसोर्स का नामक उसके चौडे मुँह की वजह से रखा गया. ग्रीक में पेशी का मतलब चौडा, और रायनो का मतलब नाक होता है. गैंडे का नाम रायनो भी इसी वजह से पडा है.
लेकिन कई बार ऐसा भी हुआ है डायनोसोर्स नस्ल के किसी जीव का नाम उसकी शारीरिक रचना के आधार पर नही बल्कि उसके स्वभाव का अनुमान लगाकर रखा गया हो. उदाहरण के लिए वेलोसिरेप्टर नामक डायनासोर का नाम इस वजह से रखा गया क्योंकि उसकी हड्डियों के ढांचे से पता चला कि वह भागने मे बहुत तेज रहा होगा. इस वजह से उसका नाम वेलोसिटी अर्थात रफ्तार के उपर रखा गया.
इसके अलावा कभी कभी डायनोसोर्स के नाम जिस जगह से उनके अवशेष मिलते हैं उस आधार पर भी रखा गया है. जर्मनी के बावेरिया प्रदेश से प्राप्त डायनासोर नस्ल के एक जीव का नाम बावेरियोसोर्स रखा गया था.
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