tarakash-universe-logo
स्वाज़ीलेंड: खूबसुरत बेबस देश
प्रयोक्ता का मूल्यांकन: / 8
बेकारअति उत्तम 
रोचक तथ्य और जानकारी
शनिवार , , 28 अप्रेल
  • यह देश अफ्रीका का एक सबसे अमीर देश भी है, लेकिन दुनिया के सबसे गरीब देशों मे से एक है.
  • इस देश के 70% लोगों की दैनिक आमदनी 45 रूपये से भी कम है
  • इस देश के 40% लोग बेरोजगार हैं
  • इस देश के नागरिकों की आयु दुनिया में सबसे कम होती है. यहाँ के लोगों की कुल आयु का अनुपात मात्र 33 वर्ष है.
  • इस देश के 40% लोग HIV ग्रस्त हैं.

 

swazi2

 

आपका स्वागत है, स्वाज़ीलेंड में. वर्षा-वनों के घने जंगलों से घिरा यह देश अपनी प्राकृतिक सौंदर्य की वजह से धरती का स्वर्ग लग सकता है. पर यहाँ के नागरिकों की स्थिति नर्क से भी बदतर है.

swazi` स्वाज़ीलेंड अफ्रीका महाद्विप में स्थित एक छोटा सा देश है, जिसका क्षैत्रफल 17,364 वर्ग कि.मी. है. इसके पश्चिम में दक्षिण अफ्रीका तथा पूर्व में मोजाम्बिक है.

 स्वाज़ीलेंड का इतिहास काफी पुराना है. स्वाज़ीलेंड में कला के कई ऐसे नमूने मिले हैं. जो एक लाख वर्ष से भी पुराने हैं. यहाँ पर रास्तों पर घूमते हुए जंगलों में तथा आसपास की गुफाओं में पौराणिक भित्तिचित्र मिलना एक आम बात है.

 

ऐसी मान्यता है कि काफी समय पहले बांतु जनजाति के लोग मोजाम्बिक से विस्थापित होकर स्वाज़ीलेंड में बस गए थे. 19वीं शताब्दी में इस जनजाति के अनेक कबीले संगठीत हुए और उन्होने एक समूहबनाया. यह उनकी मजबूरी भी थी क्योंकि ये सारे कबीले ज़ुलु जाति के लोगों द्वारा पिडीत थे, और उनके खिलाफ लड़ने के लिए उनका संगठीत होना उनकी जरूरत थी.

 इस तरह से बांतु जाति के लोगों ने एक वृहद साम्राज्य बनाया गया और राजा शोबुज़ा प्रथम (King Sobhuza I) ने शासन की बागडोर सम्भाली. उसने ब्रिटिश सरकार से ज़ुलु लोगों के खिलाफ लड़ने के लिए मदद भी मांगी.

इस तरह से गोरे लोगों का स्वाज़ीलेंड में आना शुरू हुआ और धीरे धीरे पूरा स्वाज़ीलेंड उनके कब्ज़े में आ गया. स्वाज़ीलेंड ब्रिटिश सरकार का संरक्षित क्षेत्र बन गया.

बाद में, सितम्बर 6, 1968 को स्वाज़ीलेंड को स्वतंत्रता तो मिली, लेकिन देश राजाशाही और लोकतंत्र के बीच बँट सा गया.



 स्वाज़ीलेंड में म्स्वाती वंश का राज अभी भी चल रहा है. सन 1986 में सम्राट शोबुज़ा द्वितीय के देहांत के बाद राजा म्स्वाती तृतीय ने सत्ता की बागडोर सँभाल ली.

स्वाज़ीलेंड की परंपरा के अनुसार राजा और उसकी माँ सयुंक्त रूप से शासन करते हैं. राजा प्रबंधक समिति का अध्यक्ष होता है और उसकी माँ आध्यात्मिक और राष्ट्रीय समिति की प्रमुख होती है. एक तरह से राजा प्रधानमंत्री और माँ राष्ट्रपति होती है. राजा अपना उत्तराधिकारी नियुक्त नहीं कर सकता है.

 

swazi3पना अगला राजा चुनने का अधिकार शाही खानदान को होता है. वही तय करता है कि राजा की असंख्य पत्नियों में से कौन सी पत्नी "इंड्लोवुकाज़ी (Indlovukazi)" या महान पत्नी होगी. इसी पत्नी की संतान को युवराज घोषित किया जाता है.

महान पत्नी का दर्जा वर्तमान राजा की उस पत्नी को दिया जाता है जो राजा की प्रथम पत्नी ना हो, युवा हो, जिसका चरित्र भी अच्छा हो और जिसकी एक ही संतान हो.

शोबुज़ा द्वितीय के देहांत के बाद शाही खानदान ने उसकी एक विधवा तोम्बी त्फाला (
Ntombi Tfwala) को महान पत्नी का दर्जा दिया और उसके एकमात्र पुत्र माख़ोसेतीव को स्वाज़ीलेंड का अगला शासक चुना. जिस समय माख़ोसेतीव का राज्यभिषेक किया गया उस समय उसकी उम्र मात्र 14 वर्ष की थी. इसलिए उसके वयस्क होने तक राज काज का ज़िम्मा दिवंगत राजा की दो पत्नियों ज़ेलीव शोंगवे और तोम्बी त्फाला को दिया गया.

25 अप्रेल 1986 को 18 वर्ष और 6 दिन की उम्र में माख़ोसेतीव ने राज काज सँभाल लिया और आगे चलकर वह म्स्वाती तृतीय (
Mswati III) कहलाया.

स्वाज़ीलेंड के शासक अय्यास और भ्रष्ट होते हैं. वर्तमान राजा म्स्वाती तृतीय के पिता शोबुजा द्वितीय की 70 पत्नियाँ तथा 210 बच्चे थे. यही नहीं उसके पोते पोतीयों की संख्या तो 1000 से भी अधिक थी. 

swazi_mswati म्स्वाती तृतीय अपने पूर्वजों के नक्शे कदम पर ही चलता है, और भोग विलास में डूबा रहता है. जहाँ उसकी प्रजा जीवन जीने की बुनियादी सुविधाओं के लिए भी तरसती रहती है, वहीं म्स्वाती तृतीय देश के पैसों का प्रयोग अपनी विलासिता भरी जिंदगी को और रंगीन करने में लगाता है. उसके पास लिमोशीन की पुरी रेंज है और उसने अपने लिए एक प्राइवेट जेट भी खरीदनी चाही थी जिसकी लागत देश के कुल बजट का एक चौथाई तक होता था. लेकिन फिर लोगों के भारी विरोध के चलते उसे यह योजना टालनी पडी.

म्स्वाती तृतीय देश की जनता के साथ अन्याय करने के लिए कुख्यात है. इस सनकी राजा ने कई अटपटे फैसले लेकर लोगों को मुश्किलों मे डाला है. देश में बढ रहे HIV संक्रमण को रोकने के लिए इसने 9 सितम्बर 2001 को एक विचित्र कानून बनाकर 18 से कम उम्र के लोगों का किसी भी प्रकार के यौन सम्बन्ध बनाने पर रोक लगा दी.

इस कानून के अनुसार 18 वर्ष से कम उम्र की युवतियों को अपने गले में पीला स्कार्फ़ पहनना पडता था जो इस बात का सूचक होता था कि इस युवती का कौमार्य सुरक्षित है. इससे अधिक उम्र की तथा विवाहीत युवतियों को लाल रंग का स्कार्फ़ पहनना पडता था.

यदि कोई इस कानून को तोड़ता था और 18 वर्ष से पहले यौन सम्बन्ध बनाता था तो उसे एक गाय दंड स्वरूप देनी पडती थी. यह सजा हमें काफी छोटी लग सकती है, परंतु स्वाज़ीलेंड की अति निर्धन जनता के लिए एक गाय का दंड भी भारी होता था.

राजा म्स्वाती ने खुद यह कानून तब तोडा जब उसने 2005 में एक 17 वर्षीय युवती के साथ विवाह रचाया. और वह उसकी 13वीं पत्नी बनी. कानून के हिसाब से राजा को एक गाय के दान का दंड दिया गया. और राजा के लिए एक गाय का दान देना मामुली बात थी. लेकिन फिर बाद में उसने यह कानून हटा दिया. बहरहाल म्स्वाती ने अपनी नई रानी का चुनाव प्रसिद्ध बाँस नृत्य के आयोजन के दौरान किया था.


स्वाज़ीलेंड की बात हो और वहाँ के प्रसिद्ध बांसनृत्य या "अम्लांगा (
Umhlanga)" नृत्य की बात ना हो यह कैसे हो सकता है. अम्लांगा या डंडीनृत्य का आयोजन हर वर्ष किया जाता है, और यह नृत्य स्थानीय लोगों के अलावा विदेशी पर्यटकों के लिए भी भारी आकर्षण का केंद्र होता है. और हो भी क्यों ना! आखिर यह नृत्य उन स्थानीय युवतियों द्वारा किया जाता है, जिन्होंने 18 वर्ष की आयु में प्रवेश ही किया हो और विवाह करना चाहती हों. इस नृत्य समारोह में एक अनुमान के मुताबिक करीब 20000 युवतियाँ भाग लेती हैं. डंडीनृत्य एक तरह से स्वयंवर की प्रथा जैसा होता है. यह समारोह तीन दिन तक चलता है.

 

swazi_reed

 

तीसरे दिन भव्य समारोह होता है. और युवतियों को सरकारी वाहनों मे मुख्य स्टेडियम तक लाया जाता है. जहाँ आम जनता के साथ साथ शाही परिवार भी समारोह में शामिल होता है.

वैसे इस नृत्य आयोजन का मुख्य हेतु राजमाता को सम्मान देना होता है, परंतु स्वाज़ीलेंड के राजा इस समारोह का इस्तेमाल अपने लिए नई रानी खोजने के लिए ही करते आए हैं.

कार्यक्रम की शुरूआत युवतियों द्वारा राजमाता को बांस प्रदान करने के साथ होती है. इस दिन ये युवतीयाँ नृत्य में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करती हैं. परिधान की बात करें तो इस दिन युवतीयाँ छोटा स्कर्ट और शरीर के ऊपरी भाग में मात्र स्कार्फ़ के जैसा कपड़ा ही बांधती है, तथा अन्य श्रृंगार की वस्तुएँ ओढ लेती हैं.

इसके बाद सब समूह में नृत्य करती हैं. दर्शक भी उनके साथ नृत्य करने के लिए स्वतंत्र होते हैं तथा अपने लिए जीवन साथी चुनने के लिए भी. इस दिन राजा अपने लिए एक नई रानी चुन सकता है.

swazi_nothendo जैसा कि उपर बताया गया है, सन 2005 में इसी आयोजन के दौरान राजा म्स्वाती तृतीय ने इसी नृत्य आयोजन के दौरान 17 वर्षीय नोथेंडो डुबे (Nothando Dube) को अपनी भावी पत्नी के रूप में चुना था.

फिलहाल म्स्वाती की 13 पत्नियाँ और दो अधिकृत मंगेतर हैं. वहाँ की प्रथा के अनुसार जब तक ये दोनों मंगेतर से राजा को कोई संतान नहीं हो जाती उन्हे पत्नी के रूप में मान्यता नहीं दी जाएगी.

म्स्वाती तृतीय अपनी मनमानी एवं अय्यासी की वजह से कई बार आलोचनाओं का शिकार हुआ है. उसके खुद के देश में वह लोकप्रिय नहीं है और भारी जनाक्रोश की वजह से ही उसने सन 2001 में एक संसदीय समिति का गठन किय था जिसे देश के लिए नया सविंधान बनाने का कार्य सौंपा गया.

आखिरकार कई दौर की वार्ताओं के बाद सन 2005 में नया सविंधान लागू तो किया गया परंतु उसमें भी राजा को असिमित अधिकार दिए गए हैं. स्वाज़ीलेंड का सविंधान कानून बना सकता है लेकिन किसी भी विधेयक पर अंतिम निर्णय राजा का ही होता है और वह उसे कभी भी खारिज कर सकता है.

इस तरह की राजाशाही और म्स्वाती तृतीय की विलासितापूर्ण जीवन से स्वाज़ीलेंड के आम नागरिकों का जीवन नर्क के समान हो चुका है. राजा देश के खज़ाने का प्रयोग लोगों की ज़रूरतों के लिए कम लेकिन अपनी रानीयों के लिए भव्य महल बनाने के लिए अधिक करता है.

कोई आश्चर्य नहीं कि स्वाज़ीलेंड आज एक पिछड़ा और गरीब देश हैं, जहाँ की प्रजा अपने जीवन में औसतन 34 वसंत ही देख पाती है और हर दूसरा आदमी HIV से ग्रस्त है.

और लोगों की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ है, यह स्थिति आज भी वैसी ही है.

 

swazi4


 

टिप्पणियाँ (3)add
स्वाज़ीलैंड
द्वारा प्रेषित सुनील दीपक , अप्रेल 28, 2007
एक बार मेरे एक कोर्स में स्वाज़ीलैंड की दो विद्यार्थी युवतियाँ भी थीं, उनसे उनके देश के बारे में सुना था. वो दोनों अपने देश के राजा की बात करना बिल्कुल पसंद नहीं करती थीं, शायद मन में डरती हों. इस रोचक लेख के लिए धन्यवाद.
report abuse
vote down
vote up
Votes: +0
Accountant
द्वारा प्रेषित Harindar Gupta , जून 28, 2007
Dear,
I am very happy to read this lakh. Swajiland jaisa bahut sa country hai jo aaj bhi swajiland jaisa pichhara aur raja ki wajah se aaj bhi garib country me count kiya jata hai. HiV per control karna aaj ek bahut hi badi jimedari hai bhi bhi Swaji land jaise country me do me se ek HIV se pidit hai read karke dukh huwa. Internation social workers ko waha per kaam karna chahiye aur others country se help lekar Swaji land ki sewa karni chahiye.
report abuse
vote down
vote up
Votes: +0
...
द्वारा प्रेषित रीतेश , सितम्बर 10, 2007
बहुत ही बढ़िया और रोचक....
report abuse
vote down
vote up
Votes: +0
टिप्पणी लिखें
quote
bold
italicize
underline
strike
url
image
quote
quote
smile
wink
laugh
grin
angry
sad
shocked
cool
tongue
kiss
cry
smaller | bigger

busy
 





Subscribe Newsletter

हमारे बारे में : About Us

Tarakash Universe Ideas

Copyright 2007-08 Tarakash.com, All Rights Reserved | Tarakash Universe is powered by: Chhavi Media Services