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कागज को सात से अधिक बार क्यों नही मोडा जा सकता? |
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रोचक तथ्य और जानकारी
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मंगलवार , , 15 अप्रेल |
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तरकश ब्यूरो
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| कागज जितना मुडता जाता है उतना ही उसका क्षेत्रफल घटता जाता है. जितना
कागज का क्षेत्रफल घटता है उतना ही उसपर लगने वाला प्रयत्नबल उसकी सतह के
पास खिसकता जाता है. |
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बहुत कम लोग जानते हैं कि किसी भी कागज को अधिक से अधिक सात बार (कभी कभार आठ बार) से अधिक नही मोडा जा सकता है. इसके पीछे कि वैज्ञानिक वजह इस प्रकार से है:
कागज को मोडना एक सामान्य प्रक्रिया लगती है, लेकिन वास्तव मे है नही. कागज को एक बार मोडने पर उसकी दो तहें हो जाती है. और उसके बाद के प्रत्येक मोड पर तहें कई गुना बढ जाती है. सातवीं बार मोडने पर कागज की 128 तहें हो जाती है और फिर उसके बाद उसे मोड पाना लगभग असम्भव हो जाता है.
दूसरी वजह यह है कि कागज जितना मुडता जाता है उतना ही उसका क्षेत्रफल घटता जाता है. जितना कागज का क्षेत्रफल घटता है उतना ही उसपर लगने वाला प्रयत्नबल उसकी सतह के पास खिसकता जाता है. इससे एक निश्चित बिंदु के बाद उसे और अधिक मोड पाना असम्भव हो जाता है.
इसके अलावा कागज को मोडते समय हर बार कागज का अंदरूनी दबाव बाहरी दबाव को रोकने लगता है. जितना कागज मुडता जाता है उतना कागज का अंदरूनी दबाव बढता जाता है. इसलिए सातवीं तह के बाद उसे और अधिक मोड पाना असम्भव हो जाता है.
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