आज के दौर का प्रेमचंद कौन?
बचपन से आज तक हिन्दी साहित्य की बात आने पर जो नाम हम सुनते आये हैं वे हैं प्रेमचंद, हरिशंकर परसाइ, महादेवी वर्मा, महाश्वेता देवी, निराला, केदारनाथ इत्यादि. पर उनका एक युग था जो बीत चुका है. शायद आखिरी कडी स्व. शिवानी थीं, पर लगता है जैसे एक खालीपन आ गया है. क्या आज के आधुनीक युग में कोइ भी नहीं है जो इनकी कमी को पुरा कर सके? क्या यह कमी युँही खलती रहेगी? कौन है आज के दौर का प्रेमचंद? सोचता हूँ पर उत्तर नहीं मिल पाता है.

1 Comments:
पंकज जी, नए रैन बसेरे में गृह-प्रवेश की ढेरों बधाईयाँ।
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