Thursday, June 01, 2006

ये कैसे कम्प्युटर गेम?

मैरा 9 साल का भतीजा कुछ दिन पहले ही ननीहाल से छुट्टीयाँ बिताकर घर लौटा. वहाँ से उसने फोन पर बताया था कि वो कुछ विडीयोगेम्स या कम्प्युटर गेम्स की सीडीयाँ लेकर आ रहा है, कुछ तो एकदम धांसु है. मैं खुश हो गया. सोचा बहुत दिनों बाद चलो कुछ खेलेंगे. मैं कम्प्युटर गेम्स का दिवाना रहा हुँ. मैनें और उत्कर्ष (भतीजा) ने कई गेम साथ साथ खेले थे, जैसे Hidden & Dangerous, Doom, Lara Croft वगैरह.

खैर जब वो घर आया तो पहला काम कम्प्युटर में गेम इंस्टोल करने का किया. बडा उत्साही था. चाचु को नया धांसु गेम दिखाना था. नाम है Vice City.

गेम इंस्टोल हुआ और उसने खेलकर दिखाना शुरू किया, और मैं अवाक रह गया. ये क्या है? गेम ... ऐसा गेम होता है!?! आप एक मवाली हैं, जिसको चाहे मार सकते हैं, किसीका भी वाहन छीन सकते हैं... कोई भी हथीयार उठा सकते हैं.. किसी को भी लहुलुहान कर सकते हैं. मैने उसे तन्मयता से तथा मजे ले ले कर खेलते देखा. मैने कहा यह गेम है? उसने कहा हाँ, देखो क्या मस्त है. अब उसके उपर गाडी चढाकर दिखाता हुँ; और उसने कार को एक राहगीर पर चढा दिया. वो लहुलुहान होकर गिर पढा.

फिर उत्कर्ष ने राइफल निकाली और दनादन चला दी. सामने स्क्रीन पर लाशें गिर पडी. तडपती हुई.
मैने कहा बन्दुक ना हो तो? उत्कर्ष बोला कोई बात नहीं फाइटिंग भी कर सकते हैं. और वो एक आदमी से भीड गया, तथा पीटने लगा. उसका खुन बहने लगा. इतने में पुलिस आती है और वो भाग जाता है. भागते हुए तोडफोड और शोरूम से कपडे चुराना नहीं भूलता.

अंत में उत्कर्ष मेरी तरफ मुडा और बोला " क्यों मज़ा आया ना?". मैं और भैया हैरान रह गए.

अगला काम हमने यह किया कि गेम अन-इंस्टोल करके सीडी तोड दी.

(आपके मास्साब राजस्थान जा रहे हैं शादी में. तो एक सप्ताह तक मज़े किजीए. छुट्टी!!)

3 Comments:

ई-छाया said...

राजस्थान से ढेर सारा यात्रा अनुभव और चिठ्ठाकारी की सामग्री लेकर आयेंगे, इन्ही उम्मीदों के साथ "यात्रा मंगलमय हो"।

12:44 AM, June 02, 2006  
युगल मेहरा said...

शुभ यात्रा

6:32 AM, June 02, 2006  
Udan Tashtari said...

चलो, आप जब तक शादी से लौटोगे, हम भी हिंदुस्तान पहूँच गये होंगे.
बच्चों के खेल के चयन मे बडों का होशियारी बरतना बहुत जरुरी हो गया है आज़कल.

समीर लाल

2:01 AM, June 04, 2006  

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