Tuesday, September 05, 2006

लो भाई, अब भारतीय भाषाओं में गुगल एडसेंस शुरू हो ही गई है

खबर बासी लग रही है क्या?

पर सही बात तो यही है ना कि गुगल एडसेंस तमिल में तो शुरू हो ही गया था पर हिन्दी में एकाध जगह झलक ही दिखला जाता था। दुसरी अन्य भाषाओं का तो अता पता ही नहीं था। हम कितना रोते चिल्लाते थे।

लो अब गुगल देवता ने हमारी सुन ही ली। कहते हैं ना प्रभु के द्वार देर है अन्धेर नहीं।

आज हम युँ ही भटकते हुए अपने अंग्रेजी चिट्ठे पर पहुँच गए तो दंग रह गए। ये क्या चिट्ठा अंग्रेजी और गुगल एडसेंस तो देखो!! हिन्दी तो है ही पर यार गुजराती भी!!!!



अब क्या कहें, अपनी तो बाछें खिल गई। चलो देर आए पर दुरूस्त आए। जय हो प्रभु!!

अरे ब्रेकिंग न्यूज : उर्दु भी !!



निरजबाबु देख रहे हो क्या?

5 Comments:

Udan Tashtari said...

यह गर्व का विषय है, और हिन्दी की जीत. आपके ब्लाग पर भी हिन्दी के विज्ञापन आ रहे हैं, गुगल एडसेंस से. बधाई.

समीर लाल

7:20 PM, September 05, 2006  
Anonymous said...

ये तो खुशख़बरी है.. लगे रहो ब्लॉगर भाई..

नीरज

7:35 PM, September 05, 2006  
दीपक said...

सचमुच ये बहुत खुशी की बात है, सबको बधाई|

:मगर एक बात आज पूछ कर ही रहूँगा| ये बांछे आखिर होती कहाँ हैं, जो खिल जाती हैं|:)

11:34 PM, September 05, 2006  
srijansamman said...

ख़बर तो अच्छी है पर क्या इसका अर्थशास्त्र कैसा होगा ?

2:04 AM, September 06, 2006  
SHUAIB said...

bhut badhiya jankari di aapne - aur yeh khushi ki baat hai ke ab hindi me bhi :) waise arabi aur farsi me bahut pehle se jari hai

4:57 PM, September 06, 2006  

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