आज मैं एक साल का हो गया
नमस्कार चिट्ठाजगत,
आप सब के बीच आज मैं एक साल का हो गया हुँ। आप सब यानि हमारा चिट्ठाजगत का परिवार। इसमें सारा समुदाय सम्मलित है, हिन्दी के चिट्ठाकार भी और अंग्रेजी के चिट्ठाकार भी।
आज से एक वर्ष पहले मैने अपना पहला ब्लोग I, me and Myself शुरू किया था। और आज के दिन ही पहली पोस्ट भी लिखी थी।
हालाँकि हिन्दी चिट्ठाजगत में मेरा पदार्पण तीन महीने बाद यानि की 28 जनवरी को हुआ था, पर मैने ब्लोग लिखना आज से ही शुरू किया था।
आज एक वर्ष के बाद मैं अपने आपको आप सब के बीच अनुग्रहीत महसुस करता हुँ, आपने मुझे जो प्यार और सम्मान दिया वो मैं जिन्दगी भर नही भूल सकता। मै आपके बीच एक अनुज के रूप में, कभी मित्र के रूप में और कभी मास्साब के रूप में मौजुद रहा और आपने हमेंशा मुझे प्रोत्साहीत किया, मैरा साथ दिया।
मैने आप लोगों से बहुत सीखा है। मार्गदर्शन लिया है।
एक वर्ष के दौरान अमित गुप्ता और नीरज दिवान से जी भर कर बहस की है, जितुजी को जी भर कर तंग किया है, सागर भाईसा को जी भर कर उलाहना दिया है (प्यार से ही सही) :-) , निधिजी से जी भर कर बेसिर पैर की बातें की है, ई स्वामी से जी भर कर ज्ञान लिया है, समीरलालजी को जी भर कर फालतु की कविताएँ सुनाई है... और ना जाने क्या क्या।
एक वर्ष का सफर कैसे गुजर गया पता ही नहीं चला। आप के सहयोग और प्रेम ने मुझे हमेंशा कुछ नया करने की प्रेरणा दी है।
आज लगता है, एक नया सफर शुरू हुआ है। हिन्दी चिट्ठाकारीता को नए मुकाम तक पहुँचाना है, नए लोगों को प्रोत्साहन देना है, हिन्दी प्रचार प्रसार को बढावा देना है और एक अदम्य लक्ष्य भारत को सुपर पावर बनाने में जितना हो सके उतना योगदान देना है।
आज जिम्मेदारीयों का अहसास होता है, नहीं जानता मैं लायक हुँ कि नहीं।
पर जो जानता हुँ वो यह कि मैं आप सब का ऋणी हुँ।
आप सब के बीच आज मैं एक साल का हो गया हुँ। आप सब यानि हमारा चिट्ठाजगत का परिवार। इसमें सारा समुदाय सम्मलित है, हिन्दी के चिट्ठाकार भी और अंग्रेजी के चिट्ठाकार भी।
आज से एक वर्ष पहले मैने अपना पहला ब्लोग I, me and Myself शुरू किया था। और आज के दिन ही पहली पोस्ट भी लिखी थी।
हालाँकि हिन्दी चिट्ठाजगत में मेरा पदार्पण तीन महीने बाद यानि की 28 जनवरी को हुआ था, पर मैने ब्लोग लिखना आज से ही शुरू किया था।
आज एक वर्ष के बाद मैं अपने आपको आप सब के बीच अनुग्रहीत महसुस करता हुँ, आपने मुझे जो प्यार और सम्मान दिया वो मैं जिन्दगी भर नही भूल सकता। मै आपके बीच एक अनुज के रूप में, कभी मित्र के रूप में और कभी मास्साब के रूप में मौजुद रहा और आपने हमेंशा मुझे प्रोत्साहीत किया, मैरा साथ दिया।
मैने आप लोगों से बहुत सीखा है। मार्गदर्शन लिया है।
एक वर्ष के दौरान अमित गुप्ता और नीरज दिवान से जी भर कर बहस की है, जितुजी को जी भर कर तंग किया है, सागर भाईसा को जी भर कर उलाहना दिया है (प्यार से ही सही) :-) , निधिजी से जी भर कर बेसिर पैर की बातें की है, ई स्वामी से जी भर कर ज्ञान लिया है, समीरलालजी को जी भर कर फालतु की कविताएँ सुनाई है... और ना जाने क्या क्या।
एक वर्ष का सफर कैसे गुजर गया पता ही नहीं चला। आप के सहयोग और प्रेम ने मुझे हमेंशा कुछ नया करने की प्रेरणा दी है।
आज लगता है, एक नया सफर शुरू हुआ है। हिन्दी चिट्ठाकारीता को नए मुकाम तक पहुँचाना है, नए लोगों को प्रोत्साहन देना है, हिन्दी प्रचार प्रसार को बढावा देना है और एक अदम्य लक्ष्य भारत को सुपर पावर बनाने में जितना हो सके उतना योगदान देना है।
आज जिम्मेदारीयों का अहसास होता है, नहीं जानता मैं लायक हुँ कि नहीं।
पर जो जानता हुँ वो यह कि मैं आप सब का ऋणी हुँ।

14 Comments:
पहले जन्म दिन की बधाई पंकज भाई, आप में क्या योग्यता है उसका मूल्यांकन आप खुद नहीं कर सकते, आपने जो मुझे उलाहने दिये उसका मैने कभी बुरा नही माना, छोटे भाई जो ठहरे।
पाठशाला का ताला बहुत दिनों से नहीं खुला जरा उस पर भी ध्यान दें।
जिन जिम्मेदारियों और योजनाओं को आप पूरा करना चाहते हों उनमें आपको सफ़लता मिले, शुभकामनायें।
बधाई!
पर, सही बधाई के हकदार आप तीन महीने बाद होंगे.
उसकी भी अग्रिम बधाई स्वीकारें.
Badhai Pankaj. Aap Hindi blogjagat ke sabse chamkeele sitaron mein se ek hain aur blogmandal ki aapse bahut apekshayein hai. Tarkash ke dwara aap wa aapke sahyogiyon ne naye manak stahpit kiyein hai. Yun hi apni urja se sabko prerna dete rahein.
मास्साब को आपके ब्लॉग के लिए एक वर्ष पूरा करने पर बहुत बहुत बधाई। पंकज जूनियर बहुत नटखट है लेकिन लाडला भी है, हमारी आंखो का तारा भी। हिन्दी चिट्ठाकारों के परिवार को पंकज के रुप मे के प्रतिभाशाली डिजाइनर मिला है, जो हमेशा नयी नयी चीजे सीखने और प्रयोग करने का उत्सुक होता है।
फिर से बहुत बहुत बधाई
I'll say Happy B'day 3 months later, on the anniversary of this blog!!!! ;)
व्यक्तिगत तौर पर न मिलने के बावजूद तरकश पर किये काम से हम बहुत प्रभावित हैं बेंगानी बंधुऒं से. बधाई इस बात की कि साल पूरा हुआ .इस तरह के कई साल आयेंगे.कामना है कि दिन-दूनी रात चौगुनी उन्नति करें.
वाह, कल तुम्हारी कविता सुन कर लग भी रहा था कि अब तुम बडे हो गये है. आज मालूम भी चल गया कि पूरे एक साल के हो गये.
बहुत बहुत बधाई और इसी तरह साल दर साल नये नये आयाम स्थापित करते रहो, हमारी शुभकामनाऎं तुम्हारे साथ हैं.
ब्लागिंग की पहली वर्षगांठ पर शुभकामनाएं! तुम सचमुच ब्लागमंडल के लाडले सितारे हो!
ये बहुत कम लोग जानते हैं की तुम जितने अच्छे मास्साब हो उससे ज्यादा अच्छे विद्यार्थी हो - हमेशा सीखने को और करने को तत्पर!
फ़ोनेटिक टूल और जूमला सीखने की तुम्हारी ललक देखी और बहुत खुश हुआ. हमेशा ऐसे ही दूसरों को सीखने और करने की प्रेरणा देते रहो!
बधाई मासाब
waah waah....janma divas ki shubhkaamanaye. Vaise tou be-sir-pair ki baate ki apne mujhse..ab sir-pair ki baat suniye :
wishes tumhe pankaj bhai,
wishes karo meri sweekaar,
jaise poora ek kiya,
sukhad shatak tum karna paar.
:) Aur haa apki photoshop ki classes me kaafee seekha uske naate main apne hisse ke RiN se aapko mukt karti hoo :)
बहुत बहुत बधाई मेरी ओर से भी पंकज !
मेरी तरफ़ से देर से ही बधाई आप स्वीकार करे.
पंकज, मेरी भी हार्दिक बधाई.
मेरी बधाई आपको मिलेगी तिन महिनो बाद इस् ब्लाग की साल गिरह पर!
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