Tuesday, November 28, 2006

छ: बजे का "जेनुइन" सिक्सर :: तरकश ई-शिक्षक

नहीं आज दिमाग लेवल में है। गुस्सा नहीं हुँ। वैसे भी आप लोगों ने शांत आदमी शांत आदमी शांत आदमी कहकर मुझे ऐसा आदमी बना दिया है कि अब गुस्सा करते हुए भी शर्म आती है।

वैसे आज का सिक्सर जिनुइन है। आज तरकश पर ई-शिक्षक का प्रायोगिक संस्करण लगाया है। संजयभाई की दिमाग की उपज यह टुटोरियल एनिमेटेड है और आसान है तथा नए लोगों के काम आए ऐसा है (कम से कम मेरा तो ऐसा मानना है)।

यह फ्लेश पर बना हुआ है जो किसी भी प्लेटफोर्म पर चल सकेगा।

फिलहाल हमने वर्डप्रेस और ब्लोगस्पोट पर चिट्ठे कैसे बनाएँ यह रखा है। हाँ, फाइले थोडी भारी है। और डायलअप पर लोड होने में टाइम लगेगा। पर इस तरह के टुटोरियल में कुछ कर भी नही सकते, फिर भी कोशिश कर रहे हैं कि फाइलों को यथासम्भव हल्का किया जा सके।

आप मार्गदर्शन करें और कौन-कौन से टुटोरियल बनाने चाहिए? हिन्दी में कैसे लिखें इसपर काम चल रहा है।

7 Comments:

Udan Tashtari said...

वाकई, यह सिक्सर कमाल का है, बधाई आपको और पंकज को.
अब तो एक से एक चींजें सीखी जायेंगी यहां.

मास्स्साब आ गये फिर से, नयी टेक्नालाजी के साथ.

8:26 PM, November 28, 2006  
Anonymous said...

तरकश ई-शिक्षक आसान है पर वहां पर टिप्पणी नहीं कर पाया।

5:03 AM, November 29, 2006  
श्रीश । ई-पंडित said...

पंकज जी, आपको फोटोशॉप संबंधी एक प्रश्न पूछने हेतु एक मेल इस पते पर भेजी थी:Pankaj[at]chavi[dot]in, पर पहुँची नहीं। शायद उपरोक्त ईमेल पता एक्सपायर हो चुका होगा। कृपया बताइए मैं किस प्रकार आपसे संपर्क करूँ।

5:10 AM, November 29, 2006  
सागर चन्द नाहर said...

लगे हाथों पाठशाला को फ़िर से चालू कर दीजिये अब तो चात्र भी बहुत आ गये हैं, कक्षा अच्छी चलेगी।

11:35 AM, November 29, 2006  
सागर said...

छात्र

11:35 AM, November 29, 2006  
Pankaj Bengani said...

धन्यवाद।

आपने मेरा लेख पढा होगा "आइडिया" क्या है? बस, Its all about Idea!!

श्रीश आपने ईमेल गलत लिखा है: आप मुझे pankaj@chhavi.in ya pbengani@gmail.com par सम्पर्क कर सकते हैं।

उन्मुक्तजी आप टिप्पणी मोडरेशन में थी अब लगा दी गई है।

सागर भाईसा,

माफी चाहता हुँ, मास्साब की पाठशाला अब बन्द हो चुकी है। क्योंकि मास्साब के पास नियमित पाठ पढाने के लिए अब समय का अभाव है।

परंतु मास्साब की ओपन युनिवर्सिटी चालु है। छात्र किसी भी समस्या को लेकर मास्साब को ईमेल कर सकते हैं।

11:47 AM, November 29, 2006  
Amit said...

अरे यार मेरी हिन्दी और नज़र थोड़ी कमज़ोर है, वो ई-शिक्षक वाला लिंक तो कहीं मिला नहीं। ज़रा बताओ तो ताकि हम भी दर्शन कर लें। :)

12:40 PM, November 29, 2006  

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