आम लोगो के लिये ब्लोग....
मुझे इस हिन्दी blog जगत मे एक बात अभी खटक रही हे. वो ये हे कि तकरिबन सारे ब्लोगर दुसरे हिन्दी ब्लोगर से यह अपेक्शा करते हे कि वो अपने ब्लोग मे कुछ साहित्य के बारे मे या तो फिर कुछ ग़्यान के बारे मे लिखे. हालाकि अभी तक तो सभी लोग बहुत प्रभावशाली ढंग से अछ्छा "चिठ्ठा" बनाते रहे ह और उनको पढने मे भी मझा आता रहा हे. पर अब ये दुनिया बडी ह गयी हे. मेरे जेसे लोग भी हिन्दी मे ब्लोगींग करने लगे हे. यानि अब लोगो को फालतु चिजे भी पढने को मिल सकेगी. मे तो भाई मुझे जेसे लिखना आता हे वेसा ही लिखुन्गा. बाकी बडे लोगो के महेलो को देख कर मे अपना झोंपडा नहि तोड सकता. यानि अब हिन्दी जगत मे एक सामान्य, बिना काट्कूट की हिन्दी वाला ब्लोग मिलेगा.पता नही क्यो लेकिन अभी तक के बहुत से हिन्दी ब्लोग पढने के बाद मुझे ये जगत indian english blog world जेसा आम और खास दोनो नहि लगता. हिन्दी ब्लोग जगत बहुत खास ही लोगो के लीये ही लगता हे. जो मेरी नझर से बुरी बात हे. मेरी भाषा गुजराती मे तो परिस्थिती ओर बुरी हे.
मे हिन्दी ब्लोग को व्यावसायिक रुप मे शुरु करना चाहुन्गा. यानि मेरे ब्लोग मे से पैसे कमाने कि नही पर दुसरे लोगो के लिये ब्लोगींग service शुरु करना चाहुन्गा. क्युकि ये शुभ काम के लिये बडी कम्पनियो पे आशा रखनी व्यर्थ हे. तो हिन्दी मे blogger.com जेसी service शूरु करनी चाहिये जिसमे सामान्य लोग आसानी से अपना ब्लोग शुरु कर सके और comment भी उतनी हि आसान हो.सो तकनीकी रुप से problem solve होनी चाहिये.









3 Comments:
रवि जी, अब तक उबाऊ रहे (अब नहीं, क्योंकि अब आप आ गये हैं) इस हिन्दी ब्लॉग जगत में आपका हार्दिक स्वागत है। :) आपका कहना बिल्कुल सही है, कि हिन्दी चिट्ठा-मण्डल कुछ ज़्यादा ही साहित्यिक लगता है। लेकिन वक़्त के साथ यह कमी भी दूर हो रही है।
और जहाँ तक रही इमरान हाश्मी की बात; तो उसे देखकर आपको ही नहीं, बल्कि हर युवक को बहुत ईर्ष्या होती है। साथ ही एक फ़िल्मकार मामा की कमी भी बहुत खलती है। :)
thank you buddy.
रवि भाई,
आपका हिन्दी ब्लॉगिंग मे स्वागत है। किसी भी प्रकार की सहायता के लिये हमें याद रखियेगा।
आपका फ़ीड नारद के फ़ीड मे शामिल कर लिया गया है, हिन्दी ब्लॉगरों का झुण्ड आपके ब्लॉग को पढने के लिये आता ही होगा। उनके पढने के लिये कुछ लिखियेना...
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