Monday, January 23, 2006

पेट्रोल के बिना, दारु से चलाओ बाईक्!

यार अपने देश मे मिनिस्टर लोग भी कभी कभी अछ्छा काम करते हे अभी ओयल के भाव आसमान छु रहे हे, जिससे मेरे जेसे सडक छाप रोमियो लोग परेशान हो गये हे क्युकि कोस्ट पर लडकि बहुत बढ जाता हे अब लडकियो का पिछा करना बहुत मेंघा हो गया हे, जो इस गरीब बच्चे को नहि भाता क्योकि फिल्म, म्युझिक और स्टाईल मे पैसे उडाने के बाद कुछ बचता नहि या तो मुझे पेट्रोल कि बजह से बाकि चिजो मे संयम बताना पडता हे वैसे मे इतना कमिना भी नहि हु कि पापा से कहु कि कुछ ज्यादा कमाओ मेरे लिये! फिर भी एक बार मस्ती मे ट्राय किया था जवाब क्या मिला उसके बारे मे किसिको जानने कि जरूरत नहि हे बहुत बुरी आदत हो गयी हे आप लोगो की किसी की भी पर्सनल बातो मे घुसते हो!

खेर ये रामायण लिखने की बजह जो हे वो एक बढिया समाचार हे कि छत्तिसगढ के जंगल विभाग के मंत्री अपनी बाईक अब पेट्रोल से नहि पर महुधा के रस यानि दारु से चलाते हे और बाईक भी दारु के पेग लगाने के बाद मस्त किक लगते ही भागती हे मंत्री तो भाई केह्ते हे कि उन्की बाईक हीरो होन्डा स्पलेन्डर अब पेट्रोल से भी मस्त चलती हे खेर मे तो बहुत खुश नहि हु इस सब से क्योकि यहा गुजरात मे दारुबन्धि हे तो मुझे तो नहि पीने देते पर मेरे काईनेटीक को भी देशी दारु का मझा नहि मिलेगा मंत्री तो बहुत खुश हे क्योकि आदिवासी लोगो को अब रोजगार मिलेगा लेकिन इसमे खर्च मेरे खयाल से ज्यादा ही होगा खेर मिनिस्टर ने तो अपने घर के पिछे ही छोटी भट्टी लगा ली हे और इसमे ईथेनोल होने कि बजह से पेट्रोल के बिना सिर्फ यह रस से ही बाईक चलता हे

बाउन्सर
अब आप पेट्रोल पम्प पे जा के क्या कहेन्गे??
" १० पेग महुधा बाईक मे डालना और १ पेग ग्लास मे मुझे दे"

क्या ख्याल हे??

3 Comments:

At 1/23/2006 10:00 PM , Blogger Pratik said...

मेरे ख्‍याल से दारू से गाड़ी चलाना बहुत ही खतरनाक है। पी कर गाडियाँ बहक जाएंगी और उनके क़दम (पहिए) लड़खड़ाने लगेंगे। दुर्घटना का खतरा बहुत बढ़ जाएगा। :)

 
At 1/23/2006 10:36 PM , Blogger Pankaj Bengani said...

जीयो मेरे लाल. खोल दे भट्टी घर के पिछवाडे, भाड मे गयी गोरमेंट. टकाटक टकीला डालेंगे गाडी मे, एक कनेक्शन देंगे गाडी के डेश्बोर्ड से भी. खुद भी पियेंगे गाडी को भी पिलाएंगे. दोनो चकाचक. जो पैसे बचेंगे उससे थोडि भोत घूस दे देंगे, बाकी भगवानजी का १० टका रख देंगे. स्साला सब खुश. मेरे भाई, चालू हो जा.

 
At 1/23/2006 10:49 PM , Blogger Jitendra Chaudhary said...

अगर ऐसा हुआ तो कम्पनियां इस तरह से विज्ञापन देंगी।

"क्या आप अपनी कीमती स्काच रात के लिये बचाना चाहते है? तो ले आइये हमारी शराबी बाइक,चले देसी ठर्रे से भी, बचाये आपकी कीमती दारु और पैसे, एक पैग मे तीस किलोमीटर"

इस खबर से और कोई खुश हो ना हो, विजय माल्या जरुर खुश होंगे।

 

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