तत्वज्ञानी के हथौडे
Thursday, March 30, 2006
  स्युडॉ सेक्युलारिस्ट मतलब? और सिविल कोड पे अछछे समाचार
ये RSSवालो की पूरी एक जनरेशन खत्म होने को आयी लेकिन वह जिस मुद्दे को पकड कर बेठे है की सब धर्मो के लिये सिर्फ एक ही कानून होना चाहिये, वह ख्वाहिश अभी तक पूरी नहीं हो पायी। ज्यादातर खुदको राष्टृवादी और हिन्दुत्व का प्रखर समर्थक बतानेवाले लोगो को यह लगता है की तकरीबन हर पार्टी और अंग्रेजी बोलने-लिखनेवाले पत्रकार हिन्दु विरोधी है। हालाकि ध्यान से सोचे तो पता चलता है की ज्यादातर किस्सो में वह हिन्दु विरोधी नहीं होते। वह सिर्फ मुस्लिम या लघुमती कौम की बातें करें यानि सारे राष्टृवादी उनको, “स्युडो- सेक्युलारिस्ट” या “फाइव-स्टार सेक्युलारिस्ट” करके बुलाते है!! अब कुछ किस्सो में यह सही हो सकता है। लेकिन अब तो यह फेशन हो गयी है की आपने एसे ही कुछ मुस्लिमों के हक मे बात की तो हो गये आप स्युडो सेक्युलारिस्ट।

यानि साला इनका प्रॉब्लम क्या है वही पता नही चलता। अगर गलती से भी कोइ लघुमती कौम को आगे लाने के लिए क्या करना चाहिये इसके बारे में सोचे तो बन गये आप स्युडॉ सेक्युलारिस्ट। मुझे याद है दीपा महेता की “वॉटर” मूवी में बनारस की विध्वा औरतो पे कुछ कहानी थी। वीएचपी वालो ने ये बंध करा दी थी और दीपा एवं शबाना आज़मी को हिन्दु विरोधी बताया था। अगर स्युडो – सेक्युलारिस्ट शब्द तब मार्केट में होता तो शायद वही शब्द प्रयोग होता। क्योकि अब शबाना को यहा गुजरात में वहीं कहा जाता है (वह जाहिरा केस में जाहिरा को न्याय मिले इस लिये कुछ बोली थी और अपने पति जावेद अख्तर के साथ नरेन्द्र मोदी की निंदा की थी।) जब वो इधर कोइ सामाजिक संस्था में प्रवचन देने आने वाली थी तो लोगों ने विरोध करके वह प्रोग्राम केंसल करवा दिया। अब ये लोग जब शबाना मुस्लिमो की बात करती है तो कुछ नही कहते। क्या मुस्लिम कौम के लिये कुछ अलग अनामत या स्पेशियल आर्थिक स्कोलरशिप पेकेज जेसा कुछ शुरू करें एसा बोलना “स्युडॉ सेक्युलारिस्ट” है? है!

अब हुआ ना कंफ्युज़न? साला कोइ स्युडो-सेक्युलर क्यो है? इसलिये की वह हिन्दु धर्म विरोध मे बोला या हिन्दु धर्म में होने वाले गलत रिवाज़ॉ को बहार लाया? या फिर इसलिये की वह कोइ भी लघुमती कौम के बारे में अछ्छा बोला? अभी आप मुस्लिमो के लिये सरकारी स्कोलरशिप की बात करें या हिन्दुओ में विध्वाओ के बूरे हाल पर बात करें तो आप स्युडो-सेक्युलारिस्ट! यानि अगर मुझे अपने को निर्दोष बताना है तो मुझे लघुमती कौम को मिल रहे महत्व या उनकी जनसंख्या से हिन्दु कौम लघुमती में आयेगी उसपर कुछ बोलना ही होंगा।

स्युडो सेक्युलारिस्ट यानि...
एसी मान्यता है की वह खादी के कुर्तो में ज्यादातर पाये जाते है।
एसी मान्यता है की वह अंग्रेजी में ही बोलते है।
एसी मान्यता है की वह हिन्दु विरोधी, मुस्लिमो के हित में बोलते है।
अगर वह हिन्दु विरोधी न बोले फिर भी वह स्युडो है क्योकि वह मुस्लिमो के बारे मे बोलते है। लेकिन हिन्दु लोगों के फायदे के बारे मे कुछ नहीं बोलते।

एसी मान्यता है की यह सब फाइव स्टार होटल में ही पाये जाते है।
एसी मान्यता है जी इन सबको विदेशो से बहुत पैसे मिलते है। (वेसे RSS को भी बहुत मिलते है)
एसी मान्यता है की यह सब पब्लिसिटी भूखे होते है।

उदाहरण : अंगेजी मिडीया के 90% पत्रकार, 90% फेशन डिज़ाइनर्स, शबाना आज़मी, तिस्ता सेतलवाड, जावेद अख्तर, नंदिता दास वगैरह

वेसे इन लोगों को यह नही दिखता की यही अंग्रेजी पत्रकार मुस्लिमो के फतवे पर भी चिंता जताते है और गुडिया की शादी जैसे या निंद में हुए तलाक पर फतवे के सामने भी बोलते है। तब इन चैनलो को मुस्लिम कट्टरवादीयो की गालिया मिलती ही होंगी की "आपने क्यो फतवा ज़ायज़ है या नही उसपे वोट करवाया??" ये तो ज़ायज़ ही है ना!! शबाना आज़मी मुस्लिम औरतो पे होने वाले अत्याचार पर बोलती है तो मुस्लिम कट्टरवादीयो की गालिया खाती है!! मुझे ये पता नही है की हिन्दु कट्टरवादी जेसे मुस्लिम लोग शबाना आज़मी को क्या कहते होंगे? अब न्युज़ चेनलो ने बेस्ट बेकरी- बेस्ट बेकरी बहुत किया तो उसे स्युडो सेक्युलारिस्ट कहा जाता है!! क्यों? मरनेवाले मुस्लिम थे इसलिये या तो हिन्दु मरने वाली जगह के केस को इतना नही दिखाया इसिलिये? याद करो गोधरा मे S-6 जला था उस समय इन्होने पूरा कवरेज़ दिखाया था। अब दंगे हुए तो वजह? पूरा दिन कवरेज़ दिखाया वह!! नही दिखाते तो? स्युडो सेक्युलारिस्ट! बहुत से हत्याकांडो को चैनलो ने बहुत कवरेज़ दिया है जिसमे विक्टीम हिन्दु थे। लेकिन अगर बिहार मे रणवीर सेना दूसरी हिन्दु कौम के लोगों को जला डालती है तो ये चैनलवालो का कवरेज़ भी कम होता है और ये हिन्दु राष्ट्र्वादी तो कुछ बोलते ही नहीं!! अरे खुश हो जाओ बंदो!! चैनलोने आपके लोगों में होने वाली बर्बर लडाइ को नहीं दिखाया! (सबके सब नालायक है...)अब एक मुस्लिम भी ऐसा ही फील करता है अंग्रेजी प्रेस के बारे में, यहाँ क्लिक करो तो सभी हिन्दु राष्ट्रवादीयों की बोलती बंद की प्रेस हिन्दु विरोधी और स्युडॉ सेक्युलर है!

वेसे एक अछ्छी बात , नोबेल प्राइज़ विजेता अमर्त्य सेन ने NDTV पे सिविल युनिफोर्म कोड को अनिवार्यता बताया। (यहा राजदीप सरदेसाइ और NDTV को स्युडो सेक्युलारिस्टो के महाराजा बताये जाते है, जो हिन्दु विरोधी है)

(मेरी पिछ्ली पोस्ट की टिप्पणीयो पर मै नयी पोस्ट लिख रहा हूं। लेकिन रिसर्च में कुछ समय लगेगा। सब लोगों का टिप्पणि देने के लिये आभार व्यक्त करता हूं)

हथौडा
मैं मानता हूं अन्याय होते है और डबल स्टेंडर्ड भी होता है, लेकिन हिन्दु या मुस्लिम दोनो कौम के लोग बगैर सोचे नेता और अपने धार्मिक गुरुओ की बातों में आकर दूसरो को आसानी से नफरत करते है, उतना तो ठीक लेकिन अपनी आंख भी बन्द कर लेते है।सेक्युलर- सेक्युलर का खेल सिर्फ नेता लोग खेलते है और मूर्ख जनता बातों में आ जाती है।

इसे कहते है छप्प्ड फाड नफरत, आंखे बंद करके!!
 
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हिन्‍दुत्‍व अथवा हिन्‍दू धर्म

हिन्‍दुत्‍व एक जीवन पद्धति अथवा जीवन दर्शन है जो धर्म, अर्थ, काम, मोक्षको परम लक्ष्‍य मानकर व्‍यक्ति या समाज को नैतिक, भौतिक, मानसि‍क, एवं आध्‍यात्मिक उन्‍नति के अवसर प्रदान करता है।आज हम जिस संस्‍कृति को हिन्‍दू संस्‍कृति के रूप में जानते हैं और जिसे भारतीय या भारतीय मूल के लोग सनातन धर्म या शाश्‍वत नियम कहते हैं वह उस मजहब से बड़ा सिद्धान्‍त है जिसे पश्चिम के लोग समझते हैं।
 
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कोइ मानता ही नहि के मेरे पास दिमाग हे इसिलिये खुद्को तत्वज्ञानी घोषीत करता हु!वैसे हु मैं गुज्जु Engineer.Magazine भी शुरु कर रहा|हु पर हु एक टपोरी|तो ये हे टपोरी का तत्वज्ञान् और हथौडे भी|हेल्मेट पहेन लो|

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A computer engineer by education, working in media field, "preaching" companies on technology and Business Stretegies and also earning bread from it. In short,I sell ideas and also execute them. This blog is personal thing not reflecting my profession.



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