Tuesday, May 09, 2006

अब क्रिकेट मे अनामत...

कल रात को अर्जुन सिह का फोन आया। वही अनामत वाले मंत्री। मेरे साथ कुछ खास बात करना चाहते थे। दर असल बहुत से बडी पर्सनालिटीस मुझे अकसर फोन करके परेशान करती रहती है। क्या करे लेकिन, मुझसे भी अमीरो के दुख दर्द देखे नही जाते। इसिलिये मै उनकी काफी मदद करता हूं।

अब जब अर्जुन ने मुझे फोन किया तो मुझे लगा शायद लंगूर को नोलेज कमिशन की राय पे कुछ बात करनी थी। कल साम पित्रोडा वाले 8 सदस्योवाले कमिशन ने अनामत का 6-2 से विरोध किया था। लेकिन अर्जुन जिसका नाम! कोइ परेशानी नही लेनेकी। बल्के देनेकी। मुझे बोले," रवि क्रिकेट में अनामत आना चाहिये। क्या ख्याल है?" मै भी सोच मे पड गया..साला इतने धांसू विचार इसके दिमाग मे कैसे आते है?? "सचिन, द्रविड यह सब से अब पूरा भारत उब चूका है। अब टीम मे पछात वर्गो को लाना चाहिये। उनको भी तक मिलनी चाहिये। " मैने कहा, " ठीक है। आपने कुछ ओर भी सोच ही डाला होगा तो बताही दिजीये" उन्होने बताये कुछ नियम लिख रहा हूं:

क्रिकेट में क्वोटा सिस्टीम
1. SC, ST, OBC के लिये अबसे बाउंड्री 15 यार्ड छोटी रहेगी ।
2. एक चोक्का अब्से इनके लिये छ्क्का कहेलायेगा।
3. अगर वो एक टप्पा खालेने के बाद भी गेंद पकडे तो भी सामने वाला सवर्णँ आउट।
4. उनका एक छक्का अब से आठ रन देगा।
5. वो 5 बोल की ओवर डाल सकेंगे।
6. अपने स्कूल की टीम मे 25 रन स्कोर करने वाले OBC को भारतीय टीम मे जगह मिलेंगी।
7. इन लोगो के 60 रन बराबर = 100 रन ।
8. अगर लोग इस सब बातो का विरोध करेंगे तो उनकी अलग टीम बनायेंगे जिसमे उनको 60% मेच में पहेले से ही जीत दी जायेगी। यानि मेच की जीत पर 60% अनामत।

अब आगे मुझे सोच कर बताना है। आप भी अपना दिमाग लगा सकते है। लेकिन मुझे नही लगता की कोइ बंदा अर्जुन सिंह जीतना अछ्छा भेजा रखता हो।

हथौडा
" अर्जुन सिंह दिन मे केवल 3 दिन अपनी पत्नी के साथ बिताते है। क्यो? बाकी के दिन SC, ST, OBC जेसे वर्गो के लिये अनामत है"

13 Comments:

At 5/09/2006 6:06 AM , Blogger Sagar Chand Nahar said...

सुस्वागतम रवि,
बहुत दिनो के बाद आये परन्तु दुरस्त आये, आते ही अपने चौके छक्के जड़ना चालु कर दिये। पर एक बात कहें रवि "हथौड़े" की बजाय "हथौड़ा"( लेख का अन्तिम पैरा) ज्यादा वजनदार है।

 
At 5/09/2006 6:08 AM , Blogger Sagar Chand Nahar said...

आपने दिन में तीन दिन लिख दिया है; हफ़्ते में तीन दिन होना चाहिये था।

 
At 5/09/2006 9:52 AM , Blogger Udan Tashtari said...

अच्छा हथौड़ा चलाया है.

 
At 5/09/2006 12:04 PM , Blogger ई-छाया said...

क्या बात है क्या बात है, अति सुन्दर, आनन्द आ गया सरकार

 
At 5/09/2006 5:59 PM , Anonymous Tarun said...

और भारतीय टीम में आरक्षण? ११ में से ३ सीट इनके लिये रिजर्व.

 
At 5/09/2006 9:23 PM , Blogger Pankaj Bengani said...

मज्जा पडी गई. सरस लख्युं छे. छेल्लो ह्थोडो तो खरेखर अफलातुन छे.

 
At 5/10/2006 11:35 AM , Blogger Pratik said...

रवि भाई, तुस्सी छा गए... बहुत धूंआधार हथौड़ेबाज़ी की है... मज़ा आ गया।

 
At 5/11/2006 6:35 PM , Blogger रजनीश मंगला said...

बहुत सही. लेकिन आपका ब्लौग खोलने पर भी एक विज्ञापण खुला। ये जादू शायद पूरी तरकश टीम पर चलता है।

 
At 5/11/2006 8:23 PM , Blogger Ravi Kamdar said...

रजनीशजी, तरकश वालो ने कोइ एडवर्टाइज़मेंट नही लिया है। यहाँ सिर्फ मेरे ब्लोग पे गूगल के एड सेंस की एड लगायी है जिसपे कोइ क्लिक करता ही नही है!! खेर आपके कम्प्यूटर मे कोइ स्पायवेर आ गया लगता है क्योकि किसी ओर के कम्प्यूटर पर हमारे नेटवर्क की किसी भी साइट खोलने पर एड नही आती है।

सागरचंद, जी हां। गलती से मिस्टेक हो गयी!! धन्यवाद आपका।

 
At 5/19/2006 11:00 AM , Anonymous Anonymous said...

बहुत खूब रवि भाई, पढ कर मज़ा आगया।

 
At 5/19/2006 11:03 AM , Anonymous SHUAIB said...

बहुत खूब रवि भाई, पढ कर मज़ा आगया।

 
At 3/03/2008 4:49 AM , Anonymous Anonymous said...

अपनी सोच जरा विस्त्रत करने की क्रिपा करें, सवर्ण वाद का ये पुराना मन्त्र फ़ूंक कर मरी हुइ सोच को घसीटना स्वस्थ मस्तिश्क का ध्योतक नही है.

 
At 11/29/2008 4:13 AM , Anonymous Anonymous said...

kya likha hai, majja Aa gayaa.

 

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