गुरु घंटाल अरूंधती रोय
अक्षय कुमार ने सिखाये हुए इस भव्य शब्द “गुरु घंटाल” का अब जाके सफल प्रयोग हुआ है!! अब ये अरूंधती रोय को गाली देना चाहता था, लेकिन स्वंय को सेंसर्ड कर लिया। -----, ----, --- ये सब जगह आप भर सकते है इस मानुनी के लिये जो की सबसे बडी धोकेबाज और जालसाज “देवी” है। देखा मै इनको कितना सभ्यता पूर्वक गालियां दे रहा हूं!
दर असल “वन आइटम वंडर” मिस रोय, जो अपनी “GOD OF SMALL THINGS” नामक पुस्तक से प्रसिध्ध हो गयी, वो इतने आसमान मे उडने लगी की खुद को भी “GOD OF SMALL (POOR) PEOPLE” ग़िनने लगी। प्रसिध्ध होने की लालच और शायद कुछ एवार्ड जितने की तमन्ना मे यह खुद को सामाजिक कार्यकर्ता बताने लगी। मेधा पाटकर जेसी कार्यकर्ता का साथ नर्मदा डेम जेसे संवेदन शील मुद्दे पे देने के बावजूद भी इनको बहुत बार मूंह की खानी पडी है!! ये दिखावा एसा करती है की वोही आदिवासीओ की मसिहां है!(यह पोइंट मार्क किया जाए, माय रिडर लोर्ड)!!लेकिन हर बार बेचारी औरत के विचार के साथ कोर्ट सहेमत नही होता। एक बार तो कोर्ट के आदेश न मानने के जूर्म मे जेल भी जाना पडा था। तो भी गाल लाल करके हंसना पडा था। लेकिन फिर भी घमंड तो था ही। इस बार आमिर खान के नर्मदा मामले मे कूदने से इनको साइड मे होना पडा। क्योकि पब्लिक आमिर का सुनती है, इनको तो जानती भी नही!! अब इस बार कोर्ट ने फिर से इनके विचारो से हटकर नर्मदा डेम का काम चालू रखने का फैसला किया तो फिर से जोर का झटका धिरे से लगा, लेकिन एक बार कोर्ट की निंदा करने की बजह से जेल की मस्त हवा खा चूकी देवीजी इस बार कोर्ट से पंगा लेने से बचती रही।
अब आप सोचते होंगे की
बेचारी अकेली औरत पर इतना क्यो जूर्म ढाया जा रहा है?? सिर्फ इसिलिये की आदिवासीयो की इस मसिहा ने
कुछ आदिवासीयो की जमीन पे नाजायज़ कब्ज़ा कर लिया है?? तो क्या हुआ? इनका यह करने का हक है! अब
मध्य प्रदेश के होशंगाबाद के पास पिपरीया में तो कोइ थोडी ही घर बनायेगा?? यहाँ तो सिर्फ फार्म हाउस होगा! अब इतनी सेवा करने के बाद एक आदिवासी को तो मिस रोय की फीस चूकानी पडेगी ना?
हथौडा” क्यो भाइ, इतनी गालियां क्यो दे रहे हो? तो क्या हुआ “GODESS OF SMALL PEOPLE” कहलवाना चाहती अरुंधती रोय PEOPLE को भी अपने किताब के नाम की तरह THING गिने!! समझ मे आया कुछ??”