तत्वज्ञानी के हथौडे
Saturday, August 12, 2006
  मेरा चिंतन : कितने रुपये वसूल होंगे कभी अलविदा मे से मेरे?
अब मैं तो फस चूका हूं। मेरी टिकट आ चूकी है, लेकिन सब इस फिल्म को बकवास बता रहे है। आशा है की पहेले से ही नेगेटीव दिमाग लेके जाउंगा, तो फिल्म पसंद भी आये!! मेरे 70 रुपये तो निकलेंगे ना??


अगर आपको फिल्म अंत तक कंफ्युज़ करती है तो सभी बडे कलाकारो ने घटिया एकटिंग की होगी! या तो करण जोहर को अपने सेट पर हंसी मज़ाक कम करके कुछ सिरीयस माहौल बना कर काम करना चाहिये। खेर, वो खुद समज जायेंगे इस फिल्म के पीटने के बाद!!


26 जनवरी को देखी हुइ "रंग दे बसंती" तो मुझे पसंद आयी थी, अब 15 अगस्त को देखते है क्या होता है! वेसे इस साल की सबसे बढिया फिल्म "गेंगस्टर" है। बहुत ही अफलातून फिल्म। इस फिल्म मे गेंगस्टर शाइनी आहूजा, देश का दुश्मन है, फिर भी अंत मे अगर उसे जीता ते तो कोइ गम नही होता, अगर भारत सरकार का अफ्सर इमरान हाश्मी जीतता तो भी कोइ गम नही होता। लेकिन अंत आया ओर मजेदार ढंग से!! इस फिल्म को मै मेरी अब तक की सबसे पसंदीदा फिल्मो मे शामेल करूंगा।
 
Comments:
मैरी दुआँए लेता जा..
जा तुझको रोना धोना मिले।
चोपडा की कभी ना याद आए..
ऐसी अफलातुन बंडल मिले..।

है फंसे हुए इंसान.. जा... तुझे करण जोहर की मर्दानगी की कसम। जा.. झेल.. जा!!!

हा हा हा हा हा
 
देख कर बताना जरुर कि क्या % वसूली रही.इंतजार रहेगा..:)
वैसे कुछ कुछ तो अंदाज है.
समीर लाल
 
देखिये ये जो कमर्शियल सिनेमा जब अपने कमर्शियल फ़ायदॊं के साथ, बुदधिजीवी टाईप का बनने की कोशिश करता है, तो रिशतों की खिचड़ी पक ही जाती है, करण जौहर अब स्क्रिप्ट को उल्झा गए तो कम से कम टाईटल ही सही कर देते..."मौका मिलते ही अलविदा कहना"
-रेणू आहूजा.
 
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कोइ मानता ही नहि के मेरे पास दिमाग हे इसिलिये खुद्को तत्वज्ञानी घोषीत करता हु!वैसे हु मैं गुज्जु Engineer.Magazine भी शुरु कर रहा|हु पर हु एक टपोरी|तो ये हे टपोरी का तत्वज्ञान् और हथौडे भी|हेल्मेट पहेन लो|

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Name: Ravi Kamdar
Location: Ahmedabad, Gujarat, India

A computer engineer by education, working in media field, "preaching" companies on technology and Business Stretegies and also earning bread from it. In short,I sell ideas and also execute them. This blog is personal thing not reflecting my profession.



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