मेरा चिंतन : कितने रुपये वसूल होंगे कभी अलविदा मे से मेरे?
अब
मैं तो फस चूका हूं। मेरी टिकट आ चूकी है, लेकिन सब इस फिल्म को
बकवास बता रहे है। आशा है की पहेले से ही नेगेटीव दिमाग लेके जाउंगा, तो फिल्म पसंद भी आये!! मेरे 70 रुपये तो निकलेंगे ना??
अगर आपको फिल्म अंत तक कंफ्युज़ करती है तो सभी बडे कलाकारो ने घटिया एकटिंग की होगी! या तो करण जोहर को अपने सेट पर हंसी मज़ाक कम करके कुछ सिरीयस माहौल बना कर काम करना चाहिये। खेर, वो खुद समज जायेंगे इस फिल्म के पीटने के बाद!!
26 जनवरी को देखी हुइ "रंग दे बसंती" तो मुझे पसंद आयी थी, अब 15 अगस्त को देखते है क्या होता है! वेसे इस साल की सबसे बढिया फिल्म "गेंगस्टर" है। बहुत ही अफलातून फिल्म। इस फिल्म मे गेंगस्टर शाइनी आहूजा, देश का दुश्मन है, फिर भी अंत मे अगर उसे जीता ते तो कोइ गम नही होता, अगर भारत सरकार का अफ्सर इमरान हाश्मी जीतता तो भी कोइ गम नही होता। लेकिन अंत आया ओर मजेदार ढंग से!! इस फिल्म को मै मेरी अब तक की सबसे पसंदीदा फिल्मो मे शामेल करूंगा।