Friday, November 24, 2006

हे हे चिम्पू पंकजभाइ को क्या तोहफा दे?

अब जब पंकजभाइ सब के जन्मदिन पर उनको बधाइ देने के लिये एक पूरा “तरकश विशेष” बना डालते है तो स्वाभाविक है उनके जन्मदिन पर ब्लोग जगत मे हर कोइ कुछ ना कुछ तो लिखेंगे ही। मुझे यह भी पता है जो भी बधाइयॉ आयेंगी सब कोइ तारीफ ही करने वाला है। तो मैने सोचा मैं पंकजभाइ की थोडी लगा लेता हूं! दर असल चिंम्पू यानि आपके पंकज बेंगाणी को मारना चाहिये। अरे भाइयो, रूको तो सही मारने दौडे। मैं तो बड्डे बम्प्स की बात कर रहा हूं! वेसे पंकजभाइ हफ्ते मे 4 दिन बीमार रहते है। पहले दिन उनको एलर्जी होती है, फिर सर्दी-झुकाम, सिर दर्द तो शायद आसाम से उठा ले आये है। यही क्रम मे यह सब चलता रहता है। अब बोलो इन्हे वडा पाउ खाने से भी कुछ बीमारी आ जाती है! “अरे मेरे लिये वडापाउ एकदम “माइल्ड” लाना” फिर जब भी मै “माइल्ड” वडापाउ लेकर आंऊ तो भी “बहुत तीखा है” बोलते रहते है। हमेशा बात चीत करने के लिये उत्सुक रहते है।

वैसे मारवाडी है लेकिन पैसे बनाने कि चाह कम लगती है। मैं उनको “सेवा” करते देखता रहता हूं और चिढाता रहता हूं। वो सबकी सेवा करने मे और ग़ूगल टोक पे सब के साथ खपाने मे दिन का 35% समय देते है। दूसरा 20% समय “तरकश” मे जाता है। मै जब उनकी ओफिस मे जाता हू तो मेरे साथ चर्चा मे 10% समय जाता है। 5% समय घर जाकर खाने मे, और अगर वो दिन हफ्ते के 4 बीमार होने वाले दिन मे से है तो दूसरे 15% समय बीमारी को गालियां देने मे जाता है!

अरे हां, बाकी का बचा हुआ समय वो अपने काम पर भी देते है। वेसे वेब डिजाइनींग का काम अछ्छा कर लेते है । कुछ बार मिडीया जगत और न्युज़ की साइट्स पढते रहते है। वेसे “छवि” मे दोनो भाइ “तरकश” और “नारद” पे बहुत समय देते है। “नारद” तो इतना प्रिय है दोनो को की बिच मे “नारद” मे चल रहे प्रोब्लेम्स के चलते जब मैने तरकश पे नारद जेसा नया एग्रीगेटर बनाने का प्रस्ताव रखा तो वो बस्ते मे चला गया। बोले नारद मे बहुत महेनत लगी है उसका कोम्पिटीटर खडा नही करना। अब मै बोला इतने सारे हिन्दीभाषी है सबके लिये इनफ स्पेस है मार्केट में। मैने कहां ठीक है तो एक कुछ इ-सामायिक जेसा शुरु करते है। तो “निरंतर” बीच मे! मैने कहां “निरंतर” मे आने वाले आर्टीकल्स से अलग भी बहुत सा कंटेट है। कुछ प्रतियोगीता का आयोजन करके नये लोगो को लाते है हिन्दी जगत मे! आखिरकार अब हम नारद के एक्लुसिव वर्ज़न जेसा “लिमिटेड” ब्लोग वाला एग्रीगेटर लाने की तैयारी करने लगे! अब जाकर प्रतियोगीता के आयोजन के साथ इ-सामायिक की बात चली है। वेसे अब चिम्पू व्यवसायिक होने लगे है । तरकश पे एडवर्टाइज़मेंटस लाने के लिये महेनत कर रहे है। शायद प्रतियोगिता के लिये स्पोंसर्स भी मिल जायेंगे। वैसे चिम्पू गुजराती नही है लेकिन साले कोइ भी टोपिक पर गुजराती से ज्यादा गुजरात गुजरात लगा देते है। मोदी भक्त है।

“तरकश” पे 200 विज़ीटर आये थे पहली वार तो खुश खुश हो गये थे! बोले “तरकश” सुपर हिट को गया! मैने कहां, जाओ छत पे जाके नाचो! 3-4 लोग कोमेंट देते है तो खुश हो जाते है, जबकी मै हमेंशा ज्यादा हिटॅस लाने के चक्कर मे रहता हूं, लेकिन कुछ काम नही करता! “तरकश” मे नया सुडोकु डाला। मुझे फोन किया, “तरकश” मे नया विभाग सुपर हिट!! मैने कहां कैसे भाइ? बोले सब लोग पागल हो गये है, बोलते है जबरजस्त है। मैने बोला कितने लोग पागल हो गये? बोले मेरे को गूगल पे सब बता रहे है। अब उसमे से आधे तो हम तरकश टीम वाले होंगे! मैने कहां, घंटा हिट हुआ है! साला अपने तरकश टीम वाले बोले के अछ्छा है तो सुपर हिट थोडी हो गया! तो कभी बोले ये आज का आर्टीकल सुपरहीट! क्यो भाइ? बोले जीतूजी, सुनिलभाइ, अनुपभाइ, देबाशिष इन सब ने तारिफ की! मै बोलु वो तो घर के हुए अब! साले कुछ नये लोग लाओ अपनी तारिफ करने के लिये। जेसे मै थक गया आपकी तारिफ करते करते वेसे ही यह सब भी थक जायेंगे। वेसे समीरलाल की भी डेरिंग है! अभी तक पंकज भाइ की तारिफ कर रहे थे! खेर अब जब “तरकश” काफी हीट हुआ है और थोडी बहुत एड भी लाने लगा है तो लगता है हमारी धीरज काम करेगी। अभी भी कमाइ तो नही हो रही कुछ खास लेकिन हिटस बढ गयी है। वेसे पकंजभाइ एक ट्युबलाइट है “कुछ” चीजो मे और ज्यादातर मे फास्ट केचअप करते है। अरे साब, आप को अंदर की बात बताउ तो पूजाभाभी भी पंकजभाइ की खिंचाइ कर लेती है! वेसे मेरा दिमाग खा गये है, धूम 2 का रिव्यु लिख रिव्यु लिख रिव्यु लिख! ठीक है तो धूम 2 का रिव्यु आपको कल मिल जायेगा। बड्डे गिफ्ट समजना! साला मेरा मेसेंजर पूरा इससे भर दिया। बहुत कमीने पब्लिशर है। हां बताना भूल गया, मुझे एडवांस मे बड्डे पार्टी मिल चूकी है! बोलो क्या मिला होगा? हे हे, “वडा पाउ”!

हथौडा
तो इन्हे क्या तोहफा देना चाहिये?
1. एनासिन । अरे नही यार कम पडेगी एक दवाइ! दवा की दुकान ही देते है ।
2. “सेवाभावी आदमी ओफ दी यर” एसा कुछ अवार्ड?
3. “तरकश.कोम” का मार्केटिंग करके कुछ हिट्स ज्यादा दे ताकी चिम्पू खुश हो जाये?
4. हे हे, इसे क्या तोहफा देना! उल्टा पार्टी मांगो!

मै तो धूम 2 का रिव्यु लिख डालता हूं! पीछा भी छूटे और गिफ्ट भी दे सकू!

14 Comments:

At 11/24/2006 11:38 PM , Blogger Pankaj Bengani said...

तुम लोगों के पीछे डंडा लेके नही पडु ना तो कामचोर हो जाते हो।

बहुत उडा ली मेरी, अब एक बार ऑफिस आजा तो तेरी लगाता हुँ।

और हर बात को पूजा तक ले जाने की जरूरत नहीं है... सबकी बीवीयाँ ऐसी ही होती है.. सब भुक्तभोगी है.. तेरी होने दे शादी बताता हुँ फिर।

अब लेकिन तेरे जैसे हथोडी बीवी उठा लाया तो बात और है.... :)

लगे रहो.. और स्साला चल सबकी लगा देते हैं। ;-)

 
At 11/25/2006 5:28 AM , Blogger Udan Tashtari said...

भई, यह भी खुब रही बर्थ बधाई. खैर, हम तो लगे ही तारीफ करने में, मगर आपके हथोड़े चलना बहुत कम हो गये हैं, नियमित चलाओ, भाई. यही सही बर्थ डे गिफ्ट होगा, पंकज बैंगाणी 'तरकश' के लिये.

 
At 11/25/2006 5:38 AM , Blogger Pratik said...

बहुत ख़ूब... अबकी बार तोहफ़े के तौर पर हथौड़े पंकज भाई पर ही बरसाए गए लगते हैं। :)

 
At 11/25/2006 9:41 AM , Blogger भुवनेश शर्मा said...

रवि भाई चलिए जन्मदिन के बहाने ही सही आपकी नींद तो टूटी

 
At 11/26/2006 10:02 AM , Blogger अनूप शुक्ला said...

बढ़िया लिखा था लेख!

 
At 12/30/2006 4:33 AM , Anonymous Anonymous said...

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At 1/07/2007 2:03 PM , Anonymous anonymouse said...

NICE WORK
SEE PHOTO BUT ITS NOT MY SITE

 
At 5/30/2007 8:55 PM , Anonymous Anonymous said...

बहुत ही अच्छे तत्वज्ञानी जी!

मैने आपकी साइट पे hindini.com (Write in Hindi) का लिंक देखा तो मैने सोचा की आपको बता दूं की मुझे एक साइट मिली है जहाँ से रोमन इंग्लिश से हिंदी मैं लिखा जा सकता है - और वह भी बड़ी आसानी से - http://quillpad.in/ | आप ख़ुद ही देख लीजिए :)

- रामकुमार

 
At 8/03/2007 10:49 PM , Anonymous Rakesh said...

आपका blog अच्छा है
मे भी ऐसा blog शुरू करना चाहता हू
आप कोंसी software उपयोग किया
मुजको www.quillpad.in/hindi अच्छा लगा
आप english मे करेगा तो hindi मे लिपि आएगी

 
At 9/01/2007 3:25 AM , Blogger Nishikant Tiwari said...

लहर नई है अब सागर में
रोमांच नया हर एक पहर में
पहुँचाएंगे घर घर में
दुनिया के हर गली शहर में
देना है हिन्दी को नई पहचान
जो भी पढ़े यही कहे
भारत देश महान भारत देश महान ।
NishikantWorld

 
At 9/08/2007 1:48 AM , Anonymous Raj Yadav said...

बहुत ही अच्छा प्रयाश है आपका ।
सादर धन्यवाद !

 
At 2/12/2008 11:07 AM , Blogger कुन्नू सिंह said...

mere paas ek software hai jishme aap english me likho hindi mein badal jayegaa jaishe aapne likha "monkey" to ishka hindi me "vanar" ya "bandar" hoo jayegaa

 
At 5/11/2008 5:18 PM , Blogger lallu said...

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हिन्दी आपके लिये |
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At 6/10/2008 9:54 PM , Anonymous vivek said...

bhaute bhal likh raakho yaar...

very nicely composed...

 

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