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गर्मी पैदा ना कर सकने की वजह से डायनासोर का हुआ खात्मा |
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मंगलवार , , 29 अप्रेल |
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तरकश ब्यूरो
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| डायनासोर का पृथ्वी पर से सुमूल नाश इस वजह से हुआ होगा क्योंकि उनमें गर्मी पैदा करने की प्राकृतिक क्षमता नही थी. |
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अमरीकी वैज्ञानिकों ने एक नई खोज की है, जिससे यह पता चला है कि डायनासोर का पृथ्वी पर से सुमूल नाश इस वजह से हुआ होगा क्योंकि उनमें गर्मी पैदा करने की प्राकृतिक क्षमता नही थी.
इन वैज्ञानिकों ने पता लगाया है कि पक्षियों मे अन्य स्तनधारी प्राणियों की तरह गर्मी पैदा करने वाले टिस्यू क्यों नही होते और उनके इस अभ्यास से यह भी पता चला है कि डायनासोर धरती पर से एकाएक समाप्त क्यों हो गए.
सभी स्तनधारी प्राणियों में दो तरह के एडिपोस टिस्यू होते हैं. एक सफेद तरह के और एक कत्थई रंग के. सफेद टिस्यू उर्जा का संग्रह करते हैं और कत्थई टिस्यू गर्मी पैदा करते हैं.
मनुष्यों मे तथा कुछ अन्य स्तनधारी प्राणियों जैसे कि भालू में कत्थई टिस्यू अधिक मात्रा में होते हैं. इससे वे अपनी शारीरिक उर्जा का अधिक उपयोग कर पाते हैं.
इन सभी स्तनधारी प्राणियों में यूसीपी1 नामक जीन होता है जो शरीर मे गर्मी पैदा करने की क्षमता को बढावा देता है. यह जिन पक्षियों मे नही होता है.
पौराणिक काल में यूसीपी1 नामक जिन स्तनधारी प्राणियों और पक्षियों के समान कुल के प्राणियों मे मौजूद था लेकिन कालांतर में इन प्राणियों के एक कुल ने इस जीन को त्याग दिया और वे पक्षी और सरिशृप समुदाय मे विभाजित हो गए. डायनासोर इसी नस्ल से संबंधित थे और उनमें भी गर्मी पैदा करने की क्षमता नही थी. भयंकर उल्कापात होने से पृथ्वी के तापमान मे भारी गिरावट आई और डायनासोर गर्मी के अभाव में मृत्यु को प्राप्त हुए.
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