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फ्लेशबैक 2007: बॉलीवुड की फ्लोप 10 फिल्मे |
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विशेष
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मंगलवार , , 01 जनवरी |
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तरकश ब्यूरो
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इस
रेटिंग मे हमने उन फिल्मो को
शामिल किया है जिन फिल्मे से
काफी उम्मीदें थी लेकिन ये
फिल्मे उन उम्मीदों पर खरा
नही उतर पाई. यह
रेटिंग इसी आधार पर तैयार की
गई है. हमने
देखा कि किस फिल्म से कितनी
उम्मीदें थी और उसने कैसा
प्रदर्शन किया.
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10
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ढोल
यह
फिल्म एकदम फ्लोप फिल्म भी
नही मानी जा सकती है,
लेकिन चूँकि
यह फिल्म प्रियदर्शन द्वारा
बनाई गई थी इसलिए उम्मीदें
भी उतनी ही ज्यादा थी.
ढोल ने वैसा
प्रदर्शन नही किया जितनी की
उम्मीद थी, इसलिए
यह फिल्म है हमारी फ्लोप 10
फिल्म रेटिंग
मे नम्बर 10 पर..
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9
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खोया खोया चाँद
खोया
खोया चाँद फिल्म रिलीज से पहले
काफी चर्चा मे रही थी.
यह फिल्म 60
के दशक के फिल्मी
जगत पर आधारित थी. फिल्म
मे कोई बडा कलाकार तो नही था
परंतु सोहा खान जैसी प्रतिभाशाली
उभरती कलाकार जरूर थी.
लेकिन फिल्म
की बोझिल कहानी और धीमी रफ्तार
फिल्म के लिए हानिकारक सिद्ध
हुई. खोया
खोया चाँद है फ्लोप 10
फिल्म रेटिंग
मे नम्बर 9 पर.
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8
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तारा रम पम
यशराज
बैनर की यह फिल्म इस साल के
शुरू मे रिलीज हुई थी.
रानी मुखर्जी
और सैफ अली खान जैसे सितारों
से सजी यह फिल्म हम तुम वाला
कमाल नही दिखा सकी. दर्शकों
ने इस फिल्म को कुछ खास पसंद
नही किया और यशराज के लिए साल
की शुरूआत सुखद नही रही.
तारा रम पम है
फ्लोप 10 फिल्म
रेटिंग मे नम्बर 8 पर.
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7
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आजा नच ल
माधुरी
दीक्षित की वापसी वह भी ऐसी?
दर्शक यही
सोचते रहे जब वे फिल्म को थिएटर
मे देख रहे थे. फिल्म
की ढीली ढाली कहानी और लचर
पटकथा फिल्म को डूबा गई.
अवास्तविक
घटनाएँ, अजीब
से नृत्य के दृश्य माधुरी के
दमदार रोल को ढँक से गए.
यह फिल्म यशराज
फिल्मस की एक और कमजोर फिल्म
थी. आजा
नच ले है फ्लोप 10 फिल्म
रेटिंग मे नम्बर 7 पर.
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6
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नो स्मोकिंग
दर्शक
बस सोचते ही रहे कि आखिर अनुराग
कश्यप दिखाना क्या चाह्ते
हैं. फिल्म
समीक्षक मानते हैं कि अनुराग
ने समय से आगे की फिल्म बनाई
है जो आम दर्शकों के सिर से
उपर निकल जाती है. अनुराग
की यह प्रयोगात्मक फिल्म बुरी
तरह से पीट गई. नो
स्मोकिंग है फ्लोप 10
फिल्म रेटिंग
मे नम्बर 6 पर.
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5
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केशे
यकीन
नही होता कि यह फिल्म उस निर्देशक
ने बनाई है जिन्होंने दस जैसी
सुपरहिट फिल्म बनाई थी.
केश मे सबकुछ
इतना अवास्तविक और लचर है कि
दर्शकों ने इस फिल्म को सिरे
से नकार दिया. केश
ने बॉक्स ऑफिस पर पहले ही दिन
दम तोड दिया. केश
है फ्लोप 10 फिल्म
रेटिंग मे नम्बर 5 पर.
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4
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सलाम-ए-ईश्क
निखिल
आडवाणी ने कभी कल हो ना हो जैसी
सुपरहिट फिल्म बनाई थी,
इसलिए उनसे
उम्मीदें भी उतनी ही ज्यादा
थी. फिल्म
मे सितारों का जमघट था,
संगीत सुपरहिट
था लेकिन फिल्म सुपर फ्लोप
रही. सबसे
बडी वजह उबाऊ कहानियाँ रही.
सलाम-ए-ईश्क
है फ्लोप 10 फिल्म
रेटिंग मे नम्बर 4 पर.
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3
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साँवरिया
संजय
लीला भंसाली की यह फिल्म कला
की दृष्टि से बेहतरीन है.
एक एक फ्रेम
कलाकृति नजर आती है. लेकिन
फिल्म की दृष्टि से यह कमजोर
पेशकश है. संजय
जैसे प्रतिभाशाली कलाकार खुद
अपनी ही कला से मोहित नजर आए
हैं. यह
फिल्म संजय भंसाली द्वारा
संजय के लिए बनाई गई फिल्म
ज्यादा लगती है. हालाँकि
यह फिल्म इतनी भी बुरी नही रही
जितनी कि इसकी आलोचना की गई.
साँवरिया है
फ्लोप 10 फिल्म
रेटिंग मे नम्बर 3 पर.
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2
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झूम बराबर झूम
कोई
ऐसी फिल्म कैसे बना सकता है?
लोग बस यही
सोचते रहे हों तो इसकी बडी वजह
भी है. बडे
से बडे कलाकार और सुपर डुपर
हिट संगीत भी फिल्म को तब नही
बचा सकता जब फिल्म की कहानी
ही दोयम हो. झूम
बराबर झूम यशराज फिल्मस के
लिए सबसे निराशाजनक फिल्म
साबित हुई. अभिषेक,
अमिताभ और
प्रीति की मौजूदगी भी फिल्म
की नैया पार ना लगा सकी.
झूम बराबर झूम
है फ्लोप 10 फिल्म
रेटिंग मे नम्बर 2 पर.
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रामगोपाल वर्मा की आग
इससे
बुरा सपना आखिर और क्या हो
सकता है. लेकिन
यह सपना भी नही है. यह
वह हकीक़त है जिसे रामगोपाल
वर्मा जल्द से जल्द भुलाना
चाहेंगे. वे
सार्वजनिक रूप से अब अपनी भूल
स्विकार करते हैं कि उन्हे
शोले की रीमेक नही बनानी चाहिए
थी. आग
एक बेहद साधारण बी ग्रेड फिल्म
लगती है. रामगोपाल
वर्मा जैसे प्रतिभाशाली फिल्म
निर्माता और निर्देशक इस तरह
की फिल्म बनाएँ यह उनके लिए
खतरे की ही घंटी है. आग
साल की सबसे चर्चित फ्लोप रही.
इसलिए यह फिल्म
है फ्लोप 10 फिल्म
रेटिंग मे नम्बर 1 पर.
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