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रंजना भाटिया और मोहिंदर कुमार ने स्वर्ण कलम 2007 चुनाव जीता |
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विशेष
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बुधवार , , 30 जनवरी |
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स्वर्ण कलम 2007 की चुनावी प्रक्रिया के समाप्त होने के साथ ही साल का पहला चिट्ठा-उत्सव समाप्त हो रहा है.
महीने भर चले इस उत्सव में जिस उत्साह से हिन्दी चिट्ठाकारों ने भाग लिया इसके लिए हम सब आपके आभारी है. पिछली बार बहुत से सुझाव मिले थे, उसी के तहत इस बार दो श्रेणियों के लिए नामांकन व चुनाव करवाये गये थे. अब इस बार भी बहुत से रचनात्मक सुझाव मिले है, इन्हे अगली बार अमल में लाने की कोशिश रहेगी.
इस वर्ष जिन्हे चिट्ठाकारों तथा चिट्ठापाठको के सर्वाधिक मत मिले और विजयी रहे वे हैं:
रंजना भाटियाजी व मोहिंदर कुमारजी
विजेताओं को ढेर सारी बधाई व शुभकामनाएं.
इस दौरान पर्यवेक्षकगण के रूप में समीर लालजी, जितेन्द्र चौधरीजी, आलोकजी, सागरचन्द नाहरजी, प्रतिक पाण्डेजी, शुएबजी ने पूरी प्रक्रिया को निष्पक्ष व सुचारु रूप से चलाते हुए संचालन किया. सभी का बहुत बहुत आभार.
इस बार प्रायोजकों में भी भारी उत्साह दिखा, सभी प्रायोजकों का तरकश दल आभार व्यक्त करता है.
तरकश स्वर्ण कलम चुनाव 2007
कुल वोट प्राप्त हुए: 530
वैध वोट : 493
महिला श्रेणी
रचना सिंह जी और प्रत्यक्षा जी शिर्ष 10 नामांकित महिला उम्मीदवारों मे शामिल थी, परंतु रचनाजी ने चुनाव के शुरूआती दौर मे तथा प्रत्यक्षाजी ने आखिरी दौर में अपना अपना नाम वापस ले लिया था इसलिए इनके आँकडे जारी नहीं किए जा रहे हैं.
पुरूष श्रेणी
नामांकित चिट्ठे:
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मनोज